
आग लगी तो मदद की जगह भाग निकला ड्राइवर, आंध्र प्रदेश बस हादसे का चौंकाने वाला सच; 20 जिंदा जले
आंध्र प्रदेश में शुक्रवार को भीषण हादसा हो गया। बेंगलुरु जा रही एक निजी बस में कुरनूल जिले में एक दोपहिया वाहन से टक्कर के बाद आग लग गई। इससे 20 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।
आंध्र प्रदेश में शुक्रवार को भीषण हादसा हो गया। बेंगलुरु जा रही एक निजी बस में कुरनूल जिले में एक दोपहिया वाहन से टक्कर के बाद आग लग गई। इससे 20 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि टक्कर के बाद मोटरसाइकिल बस के नीचे कुछ दूरी तक घिसटती रही। इस बीच उसकी पेट्रोल टंकी का ढक्कन खुल गया, जिससे आग लग गई। जानकारी के मुताबिक हादसे के बाद लोगों की मदद करने की जगह बस ड्राइवर वहां से भाग निकला।

जब हादसा हुआ कई यात्री गहरी नींद में थे। तड़के करीब तीन बजे बस में आग लगी तो उन्हें पता भी नहीं चला कि क्या हो रहा है और उनकी मौत हो गई। आग से स्लीपर बस पूरी तरह जल गई और सिर्फ उसका ढांचा ही बचा। हादसे के समय बस में कुछ आईटी प्रोफेशनल भी सवार थे। उनमें से एक बेंगलुरु में एक शीर्ष आईटी फर्म में इंटरव्यू देने जा रहा था। कुछ शव इतने जल चुके थे कि उनकी पहचान नहीं हो पा रही थी, जिसके कारण अधिकारियों को मृतकों के डीएनए नमूने एकत्र करने के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाना पड़ा।
पुलिस का कहना है कि बुरी तरह जलकर मरने वालों में दो बच्चे और मोटरसाइकिल सवार भी शामिल हैं। इस हादसे में नौ लोग घायल हुए हैं। घायल लोगों ने चमत्कारिक ढंग से जान बच जाने के पहले के तनाव भरे पलों को याद किया। जिनकी जान चली गयी वे लोग इतने खुशकिस्मत नहीं थे। यात्रियों ने सुरक्षित बाहर निकलने के लिए खिड़की का शीशा तोड़ दिया। हादसे के समय बस में 44 यात्री सवार थे। कुरनूल के पुलिस अधीक्षक विक्रांत पटेल ने हादसे के कारण के बारे में बताया कि बस चालकों में से एक ने बताया कि मोटरसाइकिल सड़क पर पड़ी हुई थी। किसी दूसरे हादसे या खुद गिर जाने की वजह से ऐसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि इसका पता लगाने के लिए जांच चल रही है।
कुरनूल रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) कोया प्रवीण ने बताया कि अब तक जली हुई बस से 19 शव निकाले जा चुके हैं। मोटरसाइकिल सवार का शव मुर्दाघर में है। पुलिस ने बताया कि शॉर्ट सर्किट के कारण बस का दरवाजा जाम हो गया और देखते ही देखते बस पूरी तरह जल गई। पुलिस ने बताया कि अधिकतर जीवित बचे लोगों की उम्र 25 से 35 साल के बीच है। अधिकारियों के मुताबिक, बेड और पर्दे बनाने में इस्तेमाल किये गये कुछ सामान ज्वलनशील थे, जिससे आग और ज़्यादा भड़क गई होगी एवं तेज़ी से फैल गई होगी।
गृह मंत्री वी. अनिता ने कहा कि राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए परिवहन, सड़क और राजस्व विभागों के अधिकारियों की एक समिति बनाई है। उन्होंने बताया कि घटना की जांच के लिए 16 टीम बनाई गई हैं। गाड़ी के पास ‘ऑल इंडिया परमिट’ और वैध ‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ था। राज्य के परिवहन मंत्री एम रामप्रसाद रेड्डी ने प्रेसवार्ता में कहा कि बस में अलग-अलग राज्यों के लोग थे, जिनमें से छह लोग आंध्र प्रदेश के थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए दो लाख और घायलों के लिए 50 हजार की सहायता राशि का ऐलान किया है। वहीं, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के निर्देशों के अनुसार, आंध्र प्रदेश सरकार मृतकों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपए और घायलों को दो-दो लाख रुपए का मुआवजा देगी। इसी तरह, कर्नाटक और तेलंगाना भी इतनी ही रकम देने पर सहमत हो गए हैं। ओडिशा, तमिलनाडु और बिहार के तीन लोगों का भी ख्याल रखा जाएगा।
नौ लोगों का इलाज चल रहा है, जिनमें से छह की हड्डियां टूट गई हैं। उन्हें कुरनूल अस्पताल (जीजीएच) में भर्ती कराया गया है, जबकि तीन को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिलाधिकारी ए. सिरी ने बताया कि कई यात्री इस हादसे के बाद बस से बाहर नहीं निकल पाये क्योंकि जब यह हादसा हुआ तब वे सो रहे थे। उन्होंने बताया कि बस का दरवाजा तुरंत नहीं खुला क्योंकि कुछ तार कट गए थे, जिससे हादसे की गंभीरता और बढ़ गई। सिरी ने बताया कि अधिकतर यात्री हैदराबाद के थे।
इस बीच, यह बात सामने आई कि तेलंगाना पुलिस ने यातायात नियमों के उल्लंघन के आरोप में उस लग्ज़री बस के लिए कई चालान किए थे, जिनमें खतरनाक रूप से गाड़ी चलाना और अनधिकृत पार्किंग शामिल हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर दुख व्यक्त किया। केंद्र सरकार, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सरकारों ने अनुग्रह-राशि की घोषणा की है।





