NDA में फिजिकल ट्रेनिंग के दौरान 17 साल के कैडेट की मौत, सालभर में तीन की जा चुकी है जान
महाराष्ट्र में एनडीए खड़गवासला में एक 17 साल के कैडेट की अचानक मौत हो गई। नए बैच की पहली पीटी परेड के दौरान ही कैडेट बेहोश हो गया और फिर उसकी मौत हो गई। कैडेट उत्तर प्रदेश के कानपुर का रहने वाला था।

बेटे या बेटी को सेना में अफसर बनाना हर किसी की सपना होता है। उसपर भी 'नेशनल डिफेंस अकैडमी' के लिए चयनित होना आसान नहीं होता। यहां 17-18 साल के कैडेट्स को ऐसी ट्रेनिंग दी जाती है कि वे सेना के बड़े पदों पर रहकर देश की सेवा करने के योग्य बन जाएं। कानपुर के रहने वाले अभिनव बाजपेयी के माता-पिता ने भी ऐसे ही सपने संयोगे होंगे। लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। एनडीए खड़गवासला में फिजिकल ट्रेनिंग के दौरान अभिनव अचानक बेहोश हो गया और फिर उसकी जान चली गई। पिछले साल अक्टूबर से लेकर अब तक एनडीए में तीन कैडेट्स की जान जा चुकी है।
कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश
रिपोर्ट के मुताबिक पीटी सेशन के दौरान अभिनव वाजपेयी को कुछ असहज महसूस हुआ और इसके बाद वह बेहोश हो गए। नए बैच की यह पहली पीटी परेड थी। एनडीए के बयान के मुताबिक अभिनव को तुरंत सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया। बहुत प्रयास के बाद भी उनकी जान बचाई नहीं जा सकी। एनडीए ने इस मामले की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया है। कैडेट की मौत के बाद उनके परिवार को सूचित किया गया और स्थानीय पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई।
पिछले साल अक्टूबर में स्विमिंग की प्रैक्टिस के दौरान एक कैडेट की जान चली गई थी। इसके अलावा एक कैडेट ने खुदकुशी कर ली थी। बयान में कहा गया है, "राष्ट्रीय रक्षा अकादमी इस कठिन समय में शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती है।"
करीब सात दशक पहले स्थापित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के अधिकारियों के रूप में भर्ती होने वाले कैडेटों को प्रशिक्षण दिया जाता है। आपको बता दें कि पिछले कुछ सालों में युवाओं की अचानक मौत के मामले तेजी से बढ़े हैं। कई बार जिम करने के दौरान भी लोगों को दिल का दौरा पड़ा है और उनकी जान चली गई। हालांकि कैडेट की मौत की वजह अभी सामने नहीं आई है। जानकारों का कहना है कि दिल का दौरा पड़ना मौत के पीछे की वजह हो सकती है।
लेखक के बारे में
Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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