1600 डिग्री पर खौलता लावा, विशाल लैडल और फिर... विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में कैसे मची तबाही?
राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड के विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में सोमवार को भयावह औद्योगिक दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। स्टील मेल्टिंग शॉप के कंटीन्यूअस कास्टिंग डिपार्टमेंट में पिघले हुए 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले लोहे की भारी मात्रा मजदूरों पर अचानक गिर पड़ी और फिर…

राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में सोमवार शाम करीब 4:30 बजे दर्दनाक औद्योगिक दुर्घटना हो गई। स्टील मेल्टिंग शॉप (SMS) के कंटीन्यूअस कास्टिंग डिपार्टमेंट (CCD) में पिघले हुए लोहे की भारी मात्रा मजदूरों पर गिर गई, जिससे कई लोगों की मौत हो गई और दर्जनों अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रेड यूनियन नेताओं ने दावा किया है कि घटनास्थल से अब तक नौ शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि आरआईएनएल प्रबंधन ने अभी तक मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। विशाखापत्तनम जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव को दी गई रिपोर्ट में बताया कि चार मृतकों के शव प्लांट के जनरल अस्पताल पहुंच चुके हैं। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसा कैसे हुआ?
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस प्रारंभिक जांच के अनुसार, दुर्घटना एनटीसी-3 हीट एफ के दौरान हुई। क्रेन की मदद से पिघले हुए इस्पात (लगभग 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान) को ले जा रही बाल्टी (लैडल) या चम्मच में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। इससे विशाल मात्रा में पिघला हुआ धातु नीचे गिरा और चारों ओर फैल गया। तीव्र गर्मी और आग की लपटों ने आसपास काम कर रहे मजदूरों को घेर लिया। कई मजदूर आग की चपेट में फंस गए और उन्हें बचाने के लिए तत्काल प्रयास शुरू किए गए।
एक स्थानीय ट्रेड यूनियन नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह हादसा स्टील मेल्टिंग शॉप के सीसीडी सेक्शन में हुआ। पिघला हुआ इस्पात ले जा रहे लैडल में अचानक समस्या आ गई और सारा मोल्टन मेटल नीचे गिर पड़ा। आसपास के 20-25 मजदूर सीधे प्रभावित हुए। वहीं, एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि दुर्घटना के समय जोरदार धमाका हुआ और पूरे क्षेत्र में भयानक गर्मी फैल गई। आग इतनी तेज थी कि आसपास की मशीनरी और उपकरण भी प्रभावित हुए।
बचाव कार्य जारी
बताया गया कि दुर्घटना के तुरंत बाद अग्निशमन दल, एनडीआरएफ की टीमों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर बचाव और राहत अभियान शुरू किया, और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि प्लांट के अंदर अभी भी कुछ जगहों पर आग बुझाने का काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जताया दुख
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर दुख व्यक्त किया। एक आधिकारिक बयान में उन्होंने कहा कि मैंने आरआईएनएल अधिकारियों से सीधे बात की और पूरी जानकारी ली। जिला कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचें, बचाव कार्य तेज करें और घायलों को बेहतरीन इलाज मुहैया कराएं।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश और मुआवजा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुर्घटना पर दुख जताया। सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में हुई दुर्घटना से बेहद व्यथित हूं। अपनों को खोने वाले सभी परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष ( PMNRF ) से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि घोषित की है।
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लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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