एक हफ्ते में खर्च कर देता हूं 12 करोड़ रुपये, ललित मोदी ने बताया कहां से होती है कमाई

Nisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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ललित मोदी IPL के पहले चेयरमैन और लीग कमिश्नर थे, और उन्होंने 2008 से 2010 तक इस टूर्नामेंट की देखरेख की। इसके साथ ही, उन्होंने 2008 से 2010 तक चैंपियंस लीग ट्वेंटी20 के चेयरमैन के रूप में भी काम किया।

एक हफ्ते में खर्च कर देता हूं 12 करोड़ रुपये, ललित मोदी ने बताया कहां से होती है कमाई

IPL यानी इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत करने वाले ललित मोदी भारत में कई कानूनी मामलों में फंसे हैं। हालांकि, वह खुद को निर्दोष बताते हैं। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कह दिया कि वह अपनी लाइफस्टाइल किसी के लिए भी नहीं बदलेंगे और सप्ताह में 10-12 करोड़ रुपये खर्च कर देते हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि वह पैसा कहां से कमाते हैं।

दिन में एक करोड़ से ज्यादा की कमाई

एएनआई से बातचीत में ललित मोदी ने कहा, 'मैंने कुछ गलत नहीं किया...। मैंने आपको बताया कि मैं हीरे की चम्मच के साथ पैदा हुआ था। जब आप मुझपर कुछ करोड़ रुपये लेने के आरोप लगाते हैं, तो मैं आपको बताता हूं कि मैं एक दिन में इससे ज्यादा कमाता हूं। हम सबसे बड़े हैं...। कंपनी दुनिया में बहुत बड़ी है। इसकी मार्केट वैल्यू ढाई लाख करोड़ रुपये है।'

कैसे कमाते हैं पैसा

मोदी ने कहा कि वह फैमिली बिजनेस और अन्य इनीशिएटिव्स के जरिए पैसा कमाते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं इसका हिस्सा हूं। मैं बिजनेस का मालिक हूं। मैंने इसे अपने बच्चों को तोहफे में दिया है। मेरे बच्चे इसके मालिक हैं। मेरे बच्चे मेरा खर्च उठाते हैं। मैं बहुत सुंदर घर में रहता हूं। मैं सबसे शानदार जीवन जी रहा हूं।'

उन्होंने आगे कहा, 'मैं हर जगह जाता हूं। आपको क्या लगता है, यह मैं कैसे करता हूं? क्या वजह है? मैं 10-12 करोड़ रुपेय लेता हूं...। ये एक हफ्ते भी नहीं चलते..। ऐसा ही है। मैं इसके साथ ही पैदा हुआ हूं। मैं अपना लाइफस्टाइल किसी के लिए भी क्यों बदलूं। मैं अपना जीवन किसी और के लिए क्यों जीने लगा। मेरे दादाजी ने ऐसा नहीं किया था। मेरे पिता किसी और के लिए नहीं जिए।'

विजय माल्या पर क्या बोले

इस दौरान मोदी से भगोड़े विजय माल्या को लेकर भी सवाल किया गया। उन्होंने कहा, 'वह मेरा दोस्त है। विजय की कहानी अलग है। ठीक है? मुझे नहीं पता कि उसकी क्या समस्या है। लेकिन उसका मामला बैंकों और ऐसी ही चीजो से जुड़ा था। देखिए हमने कभी किसी से उधार नहीं लिया। मैंने कभी किसी से पैसे नहीं लिए। मेरे पास किसी से पैसे लेने के लिए थे ही नहीं। मैंने तो सिर्फ पैसे दिए हैं, सिर्फ भुगतान किया है। हमारे किसी भी बिजनेस में बैंक से लिया गया कोई कर्ज या ऐसी कोई चीज नहीं है, और न ही हमारे पास कोई सरकारी कॉन्ट्रैक्ट हैं। हम एक कंज्यूमर ब्रांड हैं। हम दुनिया के सबसे बड़े ब्रांड हैं। हम मार्लबोरो बनाते हैं। यह दुनिया का नंबर वन ब्रांड है।'

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लेखक के बारे में

Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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