10 महीने हो गए, आज भी नौकरी का इंतजार; पहलगाम हमले के पीड़ित की बेटी का छलका दर्द
पहलगाम में हुए आतंकी हमले में अपने पिता की मौत के दस महीने बाद भी, असावरी जगदाले महाराष्ट्र सरकार द्वारा किए गए सरकारी नौकरी के वादे के पूरा होने का इंतजार कर रही हैं। असावरी ने सोमवार को पुणे में अपनी चिंता व्यक्त की।

पहलगाम में हुए आतंकी हमले में अपने पिता की मौत के दस महीने बाद भी, असावरी जगदाले महाराष्ट्र सरकार द्वारा किए गए सरकारी नौकरी के वादे के पूरा होने का इंतजार कर रही हैं। असावरी ने सोमवार को पुणे में अपनी चिंता व्यक्त की। इस संबंध में भाजपा नेता नवनाथ बान ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस देरी का मुद्दा उठाने का वादा किया। असावरी के पिता संतोष जगदाले उन 26 पीड़ितों में से एक थे जिनकी मौत पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन मैदान में आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में हुई थी। इस नरसंहार के बाद, राज्य सरकार ने महाराष्ट्र के छह पीड़ितों के परिवारों को 50 लाख रुपए की वित्तीय सहायता और उनके परिजनों को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी।
अधिकारियों ने क्या कहा
असावरी ने मीडिया कर्मियों से कहाकि मुझे सरकार में नौकरी दिए जाने का वादा किए हुए 10 महीने हो गए हैं, लेकिन दुर्भाग्य से इस संबंध में कोई प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा सदस्य मेधा कुलकर्णी ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर राज्य सरकार के आश्वासनों से अवगत कराया है। असावरी ने कहाकि मैंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यालयों से संपर्क किया है। अधिकारियों ने हमें केवल यही बताया है कि वे इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिता की मृत्यु के बाद से परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है और उनकी सारी बचत खत्म हो गई है। उन्होंने अधिकारियों से इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का आग्रह किया।
सीएम से उठाएंगे मुद्दा
असावरी की अपील के बारे में पूछे जाने पर, महाराष्ट्र भाजपा के मीडिया प्रभारी बान ने कहा कि वह इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहाकि भाजपा का रुख आतंकी हमले से प्रभावित जगदाले परिवार और अन्य परिवारों का समर्थन करना है। मैं आश्वासन देता हूं कि मैं व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री और राज्य पार्टी नेतृत्व के साथ इस मामले को उठाऊंगा। भाजपा नेता ने कहा कि फडणवीस एक संवेदनशील नेता हैं जो इस मामले की जांच करेंगे और जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।
लेखक के बारे में
Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।


