ईरान की कैद में 10 भारतीय, विदेश मंत्रालय ने दिया बड़ा अपडेट; क्या बोला परिवार
ईरान की नेवी ने एक शिप से 10 भारतीयों को हिरासत में ले लिया था। घटना 8 दिसंबर की है। अब विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उनके लिए भारत ने कॉन्सुलर ऐक्सेस की मांग की है।

ईरान में हिरासत में लिए गए 10 भारतीयों को लेकर विदेश मंत्रालय ने बड़ा अपडेट दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने बताया कि भारत ने हिरासत में लिए गए लोगों के लिए कॉन्सुलर ऐक्सेस की मांग की है। जानकारी के मुताबिक एमटी वैलिएंट रोर नाम की जहाज से चालक दल के 16 भारतीयों को हिरासत में ले लिया गया था। इसके बाद इंजीनयर केतन मेहता के परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई थी।
8 दिसंबर को आईआरजीसी ने एमटी वैलिएंट रोर पर अभियान चलाया था। उस वक्त यह जहाज यूएई के दिब्बा पोर्ट के पास था। ईरान का कहना है कि इस जहाज से 6 हजार मीट्रिक टन फ्यूल की स्मग्लिंग हो रही थी। मर्चेंट नेवी में कैप्टन विजय के परिवार ने कहा, अचानक ईरान की नेवी ने जहाज को कब्जे में लिया और फिर इसे लेकर अपने बंदरगाह बंदर अब्बास पर चली गई। 8 दिसंबर की शाम को ही एक वॉट्सऐप मेसेज मिला जिसमें मदद की बात कही गई थी।
विजय की भाई ने कहा, मैंने अपने भाई से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन नहीं हो पाया। इसके बाद कंपनी ऑपरेटर से बात की जहां से पता चला कि उन लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि इसका कारण उन्हें नहीं पता था। उसके बाद कंपनी से कोई संपर्क नहीं हुआ। मैं एजेंसियों के साथ संपर्क में था लेकिन कोई बड़ा अपडेट नही मिला। 12 तारीख को मैंने डीजी शिपिंग को मेल किया। इसके बाद डीजी शिपिंग ने विदेश मंत्रालय और ईरान के दूतावास को इसकी जानकारी दी। उसके बाद भी कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिल रही थी। इसके बाद 16 तारीख को विदेश मंत्रालय को मेल किया।
उन्होंने बताया, दिन निकलते गए और 22 तारीख को उन्होंने एक गार्ड के फोन से कॉल किया और तब पता चला कि उनके जहाज को रोका गया है और उन्हें एक जगह कैद करके रखा गया है। इसके अलावा उन्हें वॉशरूम भी गार्ड के साथ जाना पड़ता है। मैं इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय को भी देता था। उनको कॉन्सुलर ऐक्सेस 10 जनवरी तक नहीं मिल पाया। आज हाई कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान पता चला कि 10 तारीख को उन्हें कॉन्सुलर ऐक्सेस मिला है। 6 जनवरी को मुझे पता चला था कि 18 में से 10 भारतीयों को हिरासत में लिया गया था और उन्हें कैद कर दिया गया।
बता दें कि ईरान में इस समय हालात बेहद खराब हैं और प्रदर्शन व हिंसा में हजारों लोगों की जान चली गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को यहां साप्ताहिक ब्रीफिंग में ईरान से संबंधित सवालों का जवाब देते हुए कहा, " ईरान में हमारे लगभग 9,000 भारतीय नागरिक हैं, इनमें अधिकांश छात्र हैं, साथ ही तीर्थयात्री, नाविक और व्यवसायी भी हैं। हमने भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी है, और जो पहले से वहां हैं, उन्हें देश छोड़ने का अनुरोध किया गया है। अभी वाणिज्यिक उड़ानें उपलब्ध हैं, उन्हें इसका उपयोग कर देश लौटना चाहिए। हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और हमारे लोगों के लिए जो भी आवश्यक होगा, हम करेंगे।"

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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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