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धूल भरी आंधी में देख पाते हैं ऊंट और एक साथ दो दिशाओं में देख सकते हैं गिरगिट

धूल भरी आंधी में देख पाते हैं ऊंट और एक साथ दो दिशाओं में देख सकते हैं गिरगिट
धूल भरी आंधी में देख पाते हैं ऊंट और एक साथ दो दिशाओं में देख सकते हैं गिरगिट

सोचो, अगर आंखें न होतीं तो क्या हम देख पाते? हम इनसान ही क्यों, पशु-पक्षियों के लिए भी तो जरूरी है आंखें। पेड़-पौधे, पहाड़, नदियां, जंगल, समुद्र, बादल, आकाश सब कुछ हम अपनी आंखों से ही देखते हैं और इनसे जुड़े अनुभवों को महसूस करते हैं। आंख, हम सब के लिए खास है। धरती में जितने भी जीव-जंतु हैं, सबकी आंखों की बनावट कुछ अलग है, चाहे पानी में रहने वाले जीव हों या मरुस्थल में रहने वाले जीव। 
अगर तुम भी आंखों के बारे में कुछ अनोखी बातों को जानोगे, तो तुम्हें लगेगा कि ये दुनिया की सबसे अद्भुत चीज हैं। तो चलो आज हम आंखों के बारे में तुम्हें ऐसी ही कुछ दिलचस्प चीजें बताएंगे, जिन्हें जान कर तुम हैरान हो जाओगे।

ऊंट किस तरह रेत की आंधी में भी साफ-साफ देख लेता है? किस तरह गिरगिट अपने शिकार पर चौकन्नी नजर बनाए रखता है? बिना गर्दन घुमाए पीछे की तरफ कैसे देख लेता है उल्लू? इन सब का राज छिपा है इनकी अनोखी आंखों में। तो क्या ये सारे जानवर आंखों से मैजिक करते हैं! कैसे करते हैं ये चमत्कार, बता रहे हैं अभिनव कुमार तिवारी


धूल भरी आंधी में भी आराम से देख पाते हैं ऊंट
अब जरा सोचो कि रेत भरी आंधी में हमारी आंखें तो बंद हो जाती हैं, फिर ऊंट कैसे आसानी से चलते रहते हैं। क्यों उन्हें चलने में परेशानी नहीं होती? दरअसल ऊंट की आंखों में ऐसे रक्षात्मक कवच होते हैं, जो रेगिस्तान के आंधी-तूफान में भी उसे साफ देखने में मदद करते हैं। आसपास कितनी ही धूल भरी आंधी क्यों न चल रही हो, इससे ऊंट की रफ्तार में कोई फर्क नहीं आता। इसकी वजह है कि ऊंट की लंबी आईलैशेज, जो डस्टर की तरह काम करती हैं और सामने आने वाली धूल को साफ करती जाती हैं। आईलैशेज भी दो आईलिड्स यानी पलकों से जुड़ी होती हैं, जो धूल को हटाने का काम करती हैं। खास बात यह है कि ऊंट की आंखें किनारे-किनारे से खुलती हैं, ना कि ऊपर-नीचे। अपनी इसी खूबी की वजह से तेज हवाओं के बीच, जब रेत बहुत ज्यादा उड़ रही होती है, रेगिस्तान का यह जहाज पूरी शान से आगे बढ़ता चला जाता है।

अंधेरे में कैसे देख लेता है उल्लू
अंधेरे में कैसे देख लेता है उल्लू

अंधेरे में कैसे देख लेता है उल्लू
उल्लू दिन की बजाय रात में बेहतर देख पाता है। जानते हो क्यों? असल में उल्लू की आंखों की रेटिना में ढेर सारे लाइट सेंसिटिव रॉड सेल्स होते हैं, जो अंधेरे में देखने में मदद करते हैं। (हमारी आंखों के अंदर रॉड्स और कोन्स होते हैं। रॉड्स, जो देखने की क्षमता रखते हैं, अंधरे में अच्छे से काम करते हैं, जबकि कोन्स जो रंग की पहचानने की क्षमता रखते हैं, उजाले में ही सही ढंग से काम करते हैं।) उल्लू की आंखों में कोन्स कम, रॉड ज्यादा होते हैं, इसलिए ये अंधरे में अच्छे से देख पाते हैं। उल्लू किसी भी वस्तु की थ्री-डी इमेज भी देख सकता है। यानी यह किसी वस्तु की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई, तीनों देख सकता है।

चींटी की कितनी आंखें?
वैसे तो चींटी की दो आंखें होती हैं, लेकिन होती खास हैं। उनकी आंखें एक साथ कई तरफ देख सकती हैं। चींटी के आंख को यौगिक आंख कहा जाता है, क्योंकि इनमें नन्हें-नन्हे ढेरो 
लेंस होते हैं। 
इससे लाभ ये होता है कि चींटी हल्की से हल्की हलचल को भी देख लेती है। इन दो आंखों के अलावा अधिकतर चींटियों की नन्ही-नन्ही तीन आंखें और भी होती हैं, जो उनके सिर के ऊपरी हिस्से में त्रिकोण के रूप में स्थित होती हैं। इनका काम रोशनी के स्तर को पहचानना होता है। कुछ चींटियां ऐसी भी होती हैं, जो बिल्कुल नहीं देख सकतीं।

बकरी की चौकन्नी नजरें
बकरी की चौकन्नी नजरें

बकरी की चौकन्नी नजरें
बकरियां देखने में सीधी-सादी और कमजोर लगती हो और तुम्हें उनके आसपास जाने में डर नहीं लगता हो। लेकिन क्या तुम्हें पता है कि उनकी आंखें बहुत तेज होती है। जंगल में घूमने वाले शिकारियों जैसी ही चौकन्नी और तेज। अगर तुम बकरियों की आंखों को ध्यान से देखोगे तो पाओगे कि उनके प्यूिपल गोल नहीं, बल्कि हल्के आयताकार होते हैं। इस खूबी की वजह से बकरियां 320 डिग्री तक आसानी से देख पाती हैं। इसलिए वे अपने आसपास किसी तरह के खतरे को भी तुरंत भांप लेती हैं।

जाइंट स्क्विड की बड़ी आंखें 
जानते हो, इस धरती पर सबसे बड़ी आंखें किस जानवर की हैं? सबसे बड़ी आंखें जाएंट स्क्विड की मानी जाती हैं। इसकी आंखें लगभग 25 सेंटीमीटर की होती हैं और इनका आकार किसी फुटबॉल के जितना होता है। हो गए न हैरान! यहां तक कि दुनिया के सबसे बड़े जीव ब्लू व्हेल की आंखें भी 11  सेंटीमीटर की ही होती हैं। माना जाता है कि जाइंट स्क्विड इन आखों की बदौलत ही खुद को स्पर्म व्हेल के आक्रमण से बचा पाती है। असल में, जाइंट स्क्विड हल्की लाइट को भी काफी दूरी से देख सकती है। 
हालांकि स्पर्म व्हेल अंधेरे में चमकती नहीं है, लेकिन वह रोशनी छोड़ने वाली दूसरी चीजों को परेशान करती है। इससे जाइंट स्क्विड सतर्क हो जाती है और अपना बचाव कर लेती है।

गिरगिट एक साथ दो दिशाओं में देख सकते हैं
गिरगिट एक साथ दो दिशाओं में देख सकते हैं

एक साथ दो दिशाओं में देख सकते हैं
वैसे तो गिरगिट अपने रंग बदलने की खूबी की वजह से ज्यादा जाने जाते हैं। पर शायद ही तुम्हें मालूम हो कि मुश्किल हालात का डट कर सामना करने के लिए इनके पास कुछ और खास गुण भी होते हैं, जिससे इन्हें बहुत मदद मिलती है। इनमें से एक है इनकी असाधारण आंखें। गिरगिट की आंखों का सबसे अनोखा फीचर यह है कि इसकी दोनों आंखें एक बार में अलग-अलग दिशाओं में देख सकती हैं, जबकि इनसानी आंखें एक बार में एक ही तरफ देख पाती हैं। अलग-अलग जगहों पर एक साथ देख पाने की अपनी इस खूबी की वजह से ही वह अपने शिकार और शिकारी, दोनों पर नजर बनाए रखता है। जरूरत पड़ने पर इनकी आईलिड इनकी आंखों को पूरी तरह से ढक लेती हैं, सिर्फ एक नन्ही-सी जगह बची रहती है, जहां से इन्हें बाहर की चीजें पूरी तरह साफ नजर आती हैं।

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  • Web Title:Dust can see the camel in the storm and can see chameleon in two directions at once