कतर में इजरायली हमले से क्यों टेंशन में आ गया अमेरिका? अब करने जा रहा डिफेंस डील

कतर में इजरायली हमले से क्यों टेंशन में आ गया अमेरिका? अब करने जा रहा डिफेंस डील

संक्षेप:

कतर पर इजरायली हमले के बाद अमेरिका भी टेंशन में आ गया है। दरअसल कतर में अमेरिका का मध्य एशिया का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है। अब अमेरिका कतर के साथ जल्द ही डिफेंस डील फाइनल करना चाहता है।

Sep 16, 2025 12:25 pm ISTAnkit Ojha रॉयटर्स
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गाजा युद्ध को लेकर अमेरिका हमेशा से ही इजरायल के साथ खड़ा है। वहीं जब इजरायल ने कतर में हमास के नेताओं को निशाना बनाया तो अमेरिका भी टेंशन में आ गया। इसकी असल वजह है कतर में अमेरिका का सबसे बड़ा मिलिट्री बेस। अमेरिका का रुतबा अगर मध्य एशिया में कायम है तो उसके पीछे कतर में उसका सैन्य अड्डा है। ऐसे में कतर पर किसी तरह का हमला अमेरिका के लिए टेंशन की बात है। वहीं गाजा युद्ध शुरू होने से लेकर अब तक कतर और एजिप्ट इजरायल और हमास के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं। अमेरिका भी उनमें से है जो कि युद्धविराम होने की स्थिति में क्रेडिट लूटना चाहता है। ऐसे में कतर पर हमला युद्धविराम के बीच में बड़ा रोड़ा बन गया है।

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कतर से इजरायल के लिए रवाना हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि कतर के साथ जल्द ही अमेरिका की डिफेंस डील फाइनल होगी। रूबियो ने कहा कि इजरायल और हमास को अब सीजफायर डील फाइनल कर लेनी चाहिए क्योंकि समय बहुत बचा है। उन्होंने कहा कि अगर कोई देश मध्यस्थता में सबसे आगे है तो वह है कतर। उन्होंने कहा, कतर से हमारे करीबी संबंध हैं। हम कतर के साथ डिफेंस डील फाइनल करने का प्रयास कर रहे हैं। कतर ने भी इजरायली हमले को कायरता बताया था। हालांकि कतर ने खुद को मध्यस्थता से अलग नहीं किया है।

मई में डोनाल्ड ट्रंप ने भी कतर दौरे के समय कहा ता कि अगर कोई भी कतर पर हमला करता है तो अमेरिका सीधा जवाब देगा। ट्रंप ने कहा कि उन्हें इजरायल के प्लान के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उसने अचानक कतर की राजधानी में हमला कर दिया। वहीं इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि हमास के नेता जहां भी होंगे, उन्हें वहीं मार दिया जाएगा। बीते महीने कतर का समर्थन करने के मुस्लिम देशों ने एक बैठक भी की थी। वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि इजरायल की इस हरकत से वह खुश नहीं हैं।

यहां तक कि संयुक्त राष्ट्र में जब इजरायली हमले का निंदा प्रस्ताव लाया गया तो अमेरिका ने भी इसका समर्थन किया। पहली बार है जब किसी प्रस्ताव पर अमेरिका इजरायल के खिलाफ गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि कतर पर अब कोई देश हमला नहीं कर पाएगा।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha
अंकित ओझा पिछले 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। अंकित ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से स्नातक के बाद IIMC नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है। इसके बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की है। राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डेस्क पर कार्य करने का उनके पास अनुभव है। इसके अलावा बिजनेस और अन्य क्षेत्रों की भी समझ रखते हैं। हिंदी, अंग्रेजी के साथ ही पंजाबी और उर्दू का भी ज्ञान है। डिजिटल के साथ ही रेडियो और टीवी के लिए भी काम कर चुके हैं। और पढ़ें

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