ईरान युद्ध में UAE उतरा तो दुबई-अबू धाबी नहीं बचेंगे; अमेरिकी रणनीतिकार ने ऐसा क्यों कहा?

Devendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिका के प्रमुख रणनीतिकार और अर्थशास्त्री प्रोफेसर जेफरी सैक्स ने संयुक्त अरब अमीरात को युद्ध में शामिल होने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर यूएई इस संघर्ष में कूद पड़ता है तो दुबई और अबू धाबी जैसे शहर भारी तबाही का शिकार हो सकते हैं।

ईरान युद्ध में UAE उतरा तो दुबई-अबू धाबी नहीं बचेंगे; अमेरिकी रणनीतिकार ने ऐसा क्यों कहा?

अमेरिका के प्रमुख रणनीतिकार और अर्थशास्त्री प्रोफेसर जेफरी सैक्स ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को युद्ध में शामिल होने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर यूएई इस संघर्ष में कूद पड़ता है तो दुबई और अबू धाबी जैसे शहर भारी तबाही का शिकार हो सकते हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में सैक्स ने कहा कि दुबई और अबू धाबी पर्यटन और मनोरंजन के केंद्र हैं, न कि मजबूत सैन्य किलेबंदी वाले ठिकाने। इन शहरों को रिसॉर्ट और पार्टी स्थलों के रूप में विकसित किया गया है, जहां अमीर लोग छुट्टियां मनाते और पैसा खर्च करते हैं। युद्ध में शामिल होना इन शहरों के मूल उद्देश्य को ही नकारना होगा।

तबाह हो जाएंगे दुबई और अबू धाबी

सैक्स ने कहा कि असल में, अगर संयुक्त अरब अमीरात युद्ध में शामिल होता है तो दुबई और अबू धाबी तबाह हो सकते हैं। ये रिसॉर्ट क्षेत्र हैं, पर्यटन स्थल हैं। ये मिसाइल रक्षा के लिए मजबूत किलेबंद क्षेत्र नहीं हैं। संयुक्त अरब अमीरात ने खुद को एक बेतुकी मुसीबत में डाल लिया है और अमेरिका-इजरायल गठबंधन के साथ अपनी गलतियों को और बढ़ा रहा है। सैक्स ने अब्राहम समझौते के जरिए खाड़ी देशों द्वारा अमेरिका और इजरायल के साथ साझेदारी को 'विनाश का निमंत्रण' बताया। उन्होंने कहा कि इससे ये देश अमेरिकी सुरक्षा पर अत्यधिक निर्भर हो गए हैं, जिसे पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर ने 'घातक मित्रता' की संज्ञा दी थी।

उन्होंने जोर देकर कहा कि तथाकथित अब्राहम समझौते में शामिल होना, इजरायल और अमेरिका का पक्ष लेना और तनावपूर्ण स्थिति में फंसना, अमीरात के लिए आपदा को न्योता था। खाड़ी देशों की सरकारें अमेरिकी सुरक्षा पर सब कुछ दांव पर लगा रही हैं। वे सोचते हैं कि हमारे पास अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं, वे हमारी रक्षा करेंगे, इसलिए हम अपनी मर्जी से काम कर सकते हैं। यह एक मूलभूत गलतफहमी है। सैक्स ने किसिंजर की मशहूर टिप्पणी दोहराते हुए कहा, कि संयुक्त राज्य अमेरिका का दुश्मन होना खतरनाक है, लेकिन उसका दोस्त होना घातक है।

अपनी सुरक्षा करो और स्थिति को समझो

उन्होंने यूएई को सलाह देते हुए कहा कि 'हारने वाले रास्ते पर और अधिक जोर न दें' और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। सैक्स ने इस दौरान कहा कि कल यह घोषणा करना कि हम दुष्ट ईरानियों के खिलाफ अभियान में शामिल हो रहे हैं और अमेरिका में खरबों डॉलर लगाने की प्रतिबद्धता निभाएंगे, यह बहुत भोलापन है। बस करो। अपनी सुरक्षा करो और स्थिति को समझो।

तेहरान ने दी है धमकी

दरअसल, सैक्स की यह चेतावनी तेहरान की बढ़ती सख्ती के बीच आई है। 20 मार्च को ईरानी विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया के देशों को चेतावनी जारी की थी कि वे अमेरिका को ईरान के खिलाफ हमलों के लिए अपने क्षेत्रीय सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल न करने दें। ईरान ने इन ठिकानों को वर्तमान संकट की जड़ बताया और चेतावनी दी कि ऐसे कदम आक्रामकता में मिलीभगत माने जाएंगे।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि क्षेत्रीय देशों को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रामकता के लिए अपने क्षेत्र और सुविधाओं के उपयोग को तुरंत रोकना चाहिए। जिन देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं, उन्हें परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं यदि इनका इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया गया।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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