पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान में बातचीत ना होती तो दिखा देते औकात; तुर्की की इजरायल पर हमले की धमकी
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने कहा कि अगर पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध में मध्यस्थता नहीं कर रहा होता, तो हम इजरायल को उसकी औकात दिखा देते। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह तुर्की लीबिया और काराबाख में दाखिल हुआ, उसी तरह इजरायल में भी दाखिल हो सकता है।

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच तुर्की ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को 'हिटलर' करार दिया है। तुर्की सरकार ने नेतन्याहू पर अमेरिका-ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता को कमजोर करने का आरोप लगाया है, जबकि क्षेत्र दो सप्ताह के नाजुक युद्धविराम के तहत सांस रोके हुए है। यह तीखी टिप्पणी नेतन्याहू द्वारा तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन पर ईरान समर्थित समूहों को संरक्षण देने और कुर्द नागरिकों का नरसंहार करने का आरोप लगाने के बाद आई है। नेतन्याहू ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि उनके नेतृत्व में इजरायल ईरान के आतंकी शासन और उसके सहयोगियों से लड़ना जारी रखेगा, जबकि एर्दोगन उन्हें शरण दे रहे हैं। वहीं एर्दोगन ने कहा कि अगर अमेरिका-ईरान के बीच वार्ता ना होती तो औकात दिखा देते।
'नेतन्याहू हमारे समय का हिटलर'
अंकारा ने कड़े शब्दों वाले बयान में जवाब देते हुए कहा कि नेतन्याहू को 'हमारे समय का हिटलर' कहा जाता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि नेतन्याहू का मकसद चल रही शांति वार्ता को कमजोर करना और क्षेत्र में अपनी विस्तारवादी नीतियों को जारी रखना है। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अगर वे ऐसा करते रहे तो उनके अपने देश में भी मुकदमा चल सकता है और उन्हें सजा हो सकती है। बयान में कहा गया कि इजरायली अधिकारियों द्वारा तुर्की के राष्ट्रपति को निराधार, बेशर्म और झूठे आरोपों से निशाना बनाना उन सच्चाइयों से उत्पन्न असुविधा का नतीजा है, जिन्हें तुर्की हर मंच पर बुलंद करता रहा है। तुर्की ने दोहराया कि वह निर्दोष नागरिकों के साथ खड़ा रहेगा और नेतन्याहू को उनके अपराधों के लिए जवाबदेह ठहराने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
एर्दोगन की चेतावनी- औकात दिखा देते
रविवार को तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने इजरायल को कड़ी चेतावनी दी। एक राजनीतिक कार्यक्रम में भाषण देते हुए उन्होंने कहा कि नेतन्याहू खून और नफरत से अंधे हो गए हैं। एर्दोगन ने कहा कि अगर पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध में मध्यस्थता नहीं कर रहा होता, तो हम इजरायल को उसकी औकात दिखा देते। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह तुर्की लीबिया और काराबाख में दाखिल हुआ, उसी तरह इजरायल में भी दाखिल हो सकता है। ऐसा न करने का कोई कारण नहीं है। इसके लिए सिर्फ ताकत और एकता की जरूरत है।
वहीं दूसरी ओर तुर्की संसद के अध्यक्ष नुमान कुर्तुलमुस ने नेतन्याहू को 21वीं सदी के नरसंहार और आतंकी नेटवर्क का 'सरगना आतंकवादी' बताया। एक्स पर लिखे अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि नेतन्याहू की बेशर्म टिप्पणियां हमारे राष्ट्रपति के प्रति उनके अपराधबोध का स्पष्ट प्रमाण हैं। कुर्तुलमुस ने लिखा कि जिसके हाथ बच्चों के खून से सने हैं और जिस पर अंतरराष्ट्रीय कानून लागू है, उसका तुर्की को नैतिकता का उपदेश देने का दुस्साहस मात्र अपने अपराधों को छुपाने का प्रयास है, जिसमें कोई वैधता नहीं है। उन्होंने कहा कि एर्दोगन के नेतृत्व में तुर्की फिलिस्तीन और पीड़ितों के साथ खड़ा रहेगा और इतिहास के सही पक्ष में बना रहेगा।
इस्लामाबाद वार्ता विफल
यह तनाव पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच हुई शांति वार्ता के विफल होने के साथ ही सामने आया है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई इन वार्ताओं से कोई नतीजा नहीं निकला। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वाशिंगटन ने अपना 'अंतिम और सर्वोत्तम प्रस्ताव' रखने के बाद वार्ता समाप्त हो गई। उन्होंने इसे 'ईरान के लिए बुरी खबर' बताया।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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