जंग के बीच तेहरान का सख्त फरमान, अमेरिका-इजरायल का साथ देने वाले ईरानियों की संपत्ति होगी जब्त

Devendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान, तेहरान
share

अभियोजक महानिदेशक के कार्यालय ने विदेश में रहने वाले उन ईरानियों को चेतावनी जारी की है जो किसी भी रूप में अमेरिकी-जायोनी दुश्मन के प्रति सहानुभूति रखते हैं, उनका समर्थन करते हैं या उनके साथ सहयोग करते हैं। ऐसे लोगों की संपत्तियां कानून के अनुसार जब्त की जाएंगी

जंग के बीच तेहरान का सख्त फरमान, अमेरिका-इजरायल का साथ देने वाले ईरानियों की संपत्ति होगी जब्त

अमेरिका और इजरायल के साथ जारी जंग के बीच तेहरान ने सख्त फरमान जारी किया है। ईरान की न्यायपालिका ने सोमवार को घोषणा की कि विदेशों में रहने वाले उन ईरानी नागरिकों की संपत्ति जब्त की जाएगी और उन पर जुर्माना लगाया जाएगा, जो इजरायल और अमेरिका के साथ 'सहयोग' करते पाए जाएंगे।

न्यूज एजेंसी एएफपी के अनुसार, न्यायपालिका की वेबसाइट मिजान ऑनलाइन ने अभियोजक जनरल के कार्यालय के हवाले से बताया कि विदेश में रहने वाले वे ईरानी, जो 'अमेरिकी-जायोनी आक्रमणकारी दुश्मन' के साथ गठबंधन करते हैं, उसका समर्थन करते हैं या सहयोग करते हैं, उनकी सभी संपत्तियां जब्त कर ली जाएंगी और उन्हें कानून के तहत अन्य कानूनी दंडों का भी सामना करना पड़ेगा।

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब ईरान में राजनीतिक बदलाव की मांग करने वाले कुछ प्रवासी ईरानियों ने यूरोप और अमेरिका के कई शहरों में सड़कों पर उतरकर ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल के सैन्य अभियान के दौरान सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का जश्न मनाया था। खामेनेई की मृत्यु के बाद मोजतबा खामेनेई को तेहरान का नया सर्वोच्च नेता नामित किया गया है।

सरकारी मीडिया के मुताबिक, अभियोजक महानिदेशक के कार्यालय ने विदेश में रहने वाले उन ईरानियों को चेतावनी जारी की है जो किसी भी रूप में अमेरिकी-जायोनी (इजरायली) दुश्मन के प्रति सहानुभूति रखते हैं, उनका समर्थन करते हैं या उनके साथ सहयोग करते हैं। ऐसे लोगों की संपत्तियां कानून के अनुसार जब्त की जाएंगी और उन्हें अन्य कानूनी दंड भी दिए जाएंगे।

वहीं, रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, टेलीग्राम पर हाल ही में बने कुछ चैनलों ने विदेशों में रहने वाले प्रमुख ईरानियों की जानकारी साझा की है। इन लोगों ने सोशल मीडिया पर ईरान के धार्मिक नेतृत्व की आलोचना करते हुए 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल सैन्य अभियान का समर्थन किया था।

ईरानी सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 50 लाख ईरानी नागरिक विदेशों में रहते हैं, जिनमें से अधिकतर अमेरिका और पश्चिमी यूरोप में बसे हैं। हालांकि ईरानी मीडिया का अनुमान है कि यह संख्या करीब एक करोड़ तक हो सकती है।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।