टारगेट के बहुत करीब, पतन के कगार पर इस्लामी शासन; ईरान को लेकर नेतन्याहू का बड़ा दावा
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को दावा किया कि ईरान का इस्लामी गणराज्य पतन के कगार पर है और तेहरान के आतंकी शासन को गिराने का लक्ष्य अब बहुत करीब है।
ईरान संग जारी तनाव के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा बयान दिया है। बुधवार को उन्होंने कहा कि ईरान का इस्लामी गणराज्य पतन के कगार पर है और तेहरान के मौजूदा शासन को गिराने का लक्ष्य अब 'बहुत करीब' है। यह बयान उन्होंने दक्षिणी सीरिया में तैनात इजरायली सैनिकों के दौरे के दौरान दिया। मिडिल ईस्ट में छह महीने से चल रहे युद्ध के बीच मोर्चे और सख्त हो गए हैं, जबकि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव नया शिखर छू रहा है।
बता दें कि नेतन्याहू ने इजरायल-सीरिया सीमा पर माउंट हर्मोन के सीरियाई हिस्से में रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ के साथ मुलाकात की। वहीं उन्होंने कहा कि अभी बहुत काम करना बाकी है। मुख्य लक्ष्य ईरान में आतंकी शासन को खत्म करना है। हम इसके बहुत करीब हैं। हम जानते हैं कि पूरा गठबंधन ध्वस्त हो जाएगा। गौरतलब है कि यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब इजरायल दक्षिणी सीरिया में अपनी सैन्य उपस्थिति को स्थायी रूप देने की कोशिश कर रहा है।
दिसंबर 2024 में लंबे समय तक शासन करने वाले बशर अल-असद के पतन के बाद इजरायली सेना ने वहां एक 'सुरक्षा क्षेत्र' बना लिया है। यह वही इलाका है जो पहले संयुक्त राष्ट्र की निगरानी वाला बफर जोन था और 1974 से इजरायल के कब्जे वाले गोलान हाइट्स में इजरायली तथा सीरियाई सेनाओं को अलग करता था। अब इजरायल ने उस क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है और वहां सैनिक तैनात रखे हुए है।
नेतन्याहू ने दोहराया कि हम किसी भी आतंकवादी सेना को अपनी सीमा पर स्थापित होने की अनुमति नहीं देंगे। इजरायली पक्ष का कहना है कि असद के जाने के बाद सीरिया में पैदा हुए शून्य का फायदा ईरान समर्थित गुट या अन्य सशस्त्र संगठन उठा सकते हैं। इसलिए तेल अवीव सीमा के पास किसी भी शत्रुतापूर्ण उपस्थिति को बर्दाश्त नहीं करना चाहता।
गौरलतब है कि रक्षा मंत्री काट्ज ने दो सप्ताह पहले भी दक्षिणी सीरिया में तैनात इजरायली सैनिकों का दौरा किया था। उस दौरे के बाद दमिश्क ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। सीरियाई सरकार ने इसे 'देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का घोर उल्लंघन' बताया था। असद के पतन के बाद से इजरायल ने सीरिया में सैकड़ों हमले किए हैं और सीरियाई इलाके में बार-बार घुसपैठ की है। इजरायली अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि सुरक्षा क्षेत्र में सैनिक तैनात रहेंगे।


