युद्ध टला या तूफान से पहले की शांति? ईरान ने इजरायल पर हमला रोका लेकिन दी खुली चेतावनी
Iran Israel Tension: ईरान ने इजरायल के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की घोषणा कर दी है। दोनों देशों के बीच लंबे समय बाद हुए मिसाइल हमलों के बाद ईरानी सशस्त्र बलों ने यह फैसला लिया है।
ईरान ने इजरायल के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की घोषणा कर दी है। दोनों देशों के बीच लंबे समय के बाद हुए मिसाइल हमलों के आदान-प्रदान के बाद ईरानी सेना ने यह फैसला लिया है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने देश की सशस्त्र सेनाओं के आधिकारिक बयान को जारी किया। बयान में कहा गया है कि इजरायल के खिलाफ चलाया जा रहा सैन्य अभियान तुरंत स्थगित कर दिया गया है। हालांकि, ईरान ने साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि दक्षिणी लेबनान समेत अन्य क्षेत्रों में इजरायली आक्रामकता जारी रही, तो ईरान पहले से कहीं अधिक कठोर और निर्णायक जवाबी कार्रवाई करेगा।
खतम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के बयान में कहा गया है कि क्रूर जायोनी शासन द्वारा अमेरिका के समर्थन से दक्षिणी लेबनान और दहिए क्षेत्र पर किए गए हमलों के बाद इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की शक्तिशाली सशस्त्र सेनाओं ने लेबनान के उत्पीड़ित लोगों के समर्थन में इस शासन को करारा जवाब दिया, और आगे भी इसी तरह से जवाब देगा। हालांकि अभी तक इजरायल ने ईरान की इस घोषणा पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
हमले का क्या है कारण?
रविवार रात इजरायल द्वारा बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हमला करने के बाद ईरान ने इजरायल के कई इलाकों पर मिसाइलें दागीं। इस हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक घायल हुए। जवाब में इजरायल ने ईरान के महशहर स्थित पेट्रोकेमिकल परिसर और बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण से जुड़े कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दावा किया कि उसने हाइफा शहर में इजरायली सुविधाओं और दो हवाई अड्डों को लक्ष्य बनाकर सफलतापूर्वक जवाबी हमला किया।
ट्रंप की अपील और इजरायल का रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को जवाबी कार्रवाई न करने की सलाह दी थी, लेकिन इजरायल ने हमले जारी रखे। ट्रंप ने दोनों पक्षों से तुरंत गोलीबारी बंद करने की मांग की है। एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि उनका देश ईरान के खिलाफ कई विकल्पों के लिए तैयार है, जो कुछ दिनों से लेकर 'जितना समय लगे' तक चल सकते हैं।
ईरान का अमेरिका पर आरोप
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि लेबनान में इजरायल की कार्रवाई कूटनीतिक प्रयासों को जानबूझकर बाधित करने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने अमेरिका को सीधे जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जायोनी शासन द्वारा ईरान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका जिम्मेदार होगा।
हूतियों का ऐलान
इस बीच, ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर मिसाइल हमले की घोषणा की और लाल सागर में इजरायली जहाजों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इससे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर एक बार फिर बड़े पैमाने पर यातायात व्यवधान की आशंका बढ़ गई है।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


