ईरान युद्ध के बीच इजरायल के बदले तेवर, विदेश मंत्री बोले- नहीं चाहते अंतहीन लड़ाई
ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच इजरायल के तेवर बदल गए हैं। जंग के बीच विदेश मंत्री गिदोन सार ने कहा है कि उनका देश अंतहीन युद्ध नहीं चाहता। उन्होंने संकेत दिया कि संघर्ष को समाप्त करने के समय को लेकर इजरायल अमेरिका के साथ समन्वय करेगा।

ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच इजरायल के तेवर बदल गए हैं। जंग के बीच विदेश मंत्री गिदोन सार ने कहा है कि उनका देश 'अंतहीन युद्ध' नहीं चाहता। उन्होंने संकेत दिया कि संघर्ष को समाप्त करने के समय को लेकर इजरायल अमेरिका के साथ समन्वय करेगा। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मौजूदा युद्ध कब खत्म हो सकता है। दरअसल, ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी यह संघर्ष अब 11वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। ईरान ने जवाबी हमलों में संयुक्त अरब अमीरात समेत कई पड़ोसी देशों को निशाना बनाया है, जबकि इजरायल एक तरफ लेबनान में हिजबुल्लाह से लड़ रहा है और दूसरी ओर ईरान पर हमले कर रहा है।
मंगलवार को यरुशलम में जर्मनी के विदेश मंत्री के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में गिदोन सार ने कहा कि हम तब तक कार्रवाई जारी रखेंगे जब तक हमें और हमारे सहयोगियों को यह उचित नहीं लगता कि अब रुकना चाहिए। लेकिन हम अंतहीन युद्ध नहीं चाहते। इससे पहले जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने बर्लिन में कहा था कि यूरोप में युद्ध को लेकर चिंता बढ़ रही है और फिलहाल इसके समाप्त होने की कोई स्पष्ट योजना दिखाई नहीं दे रही है।
वहीं, जब सार से पूछा गया कि इस युद्ध में जीत का मतलब क्या होगा, तो उन्होंने कहा कि इजरायल का उद्देश्य ईरान से उत्पन्न होने वाले 'अस्तित्वगत खतरे' को दीर्घकालिक रूप से समाप्त करना है। उन्होंने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को भी 'चरमपंथी' बताया। मोजतबा खामेनेई दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे हैं और हाल ही में उन्हें ईरान का सर्वोच्च नेता बनाया गया है।
इजरायल का कहना है कि उसका लक्ष्य ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को खत्म करना और ऐसी परिस्थितियां पैदा करना है जिससे ईरान की जनता अपने मौजूदा धार्मिक शासन को उखाड़ फेंक सके। सार ने कहा कि ईरान के लोगों के लिए अपनी स्वतंत्रता हासिल करने का अवसर पैदा हो सकता है, हालांकि यह संभव है कि ऐसा युद्ध के दौरान नहीं बल्कि उसके बाद हो। उन्होंने कहा कि इस अवसर को 'आंशिक परिणामों' के साथ गंवाना नहीं चाहिए।
इस बीच जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इजरायल और अमेरिका किसी कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी समझौते में ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों के साथ-साथ क्षेत्रीय मिलिशिया को मिलने वाले उसके समर्थन को भी शामिल करना होगा। वाडेफुल के मुताबिक, तेहरान ने फिलहाल ऐसी शर्तों को स्वीकार करने की कोई इच्छा नहीं दिखाई है। ऐसे में युद्ध समाप्त करने के लिए कूटनीतिक रास्ता अभी भी जटिल बना हुआ है।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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