कई F-14 जेट्स तबाह, परमाणु ठिकाने भी निशाने पर; ईरान पर कहर बनकर टूट पड़ा इजरायल

Mar 08, 2026 12:54 pm ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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इस्फहान शहर ईरान के परमाणु ऊर्जा केंद्रों का मुख्य गढ़ है। एक्सियोस की एक सनसनीखेज रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल अब ईरान के भीतर अपनी स्पेशल फोर्सेस भेजने पर विचार कर रहे हैं।

ईरान और अमेरिका-इजरायल गठबंधन के बीच जारी युद्ध अब अपने सबसे घातक दौर में पहुंच गया है। शनिवार को इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया कि उसने तेहरान के बाद अब ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर इस्फहान के हवाई अड्डे पर भीषण बमबारी की है। इस हमले में ईरान के गौरव माने जाने वाले कई F-14 फाइटर जेट्स को जमीन पर ही मलबे में तब्दील कर दिया गया।

ईरानी समाचार एजेंसी 'तस्नीम' के अनुसार, इजरायली और अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने इस्फहान प्रांत के कम से कम आठ शहरों नजाफाबाद, अरण, बिदगोल, बरखर, खोमेनी शहर, शह्रेज़ा, फलावरजान और मुबारकेह को निशाना बनाया। इन हमलों में अब तक कम से कम 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

लड़ाकू विमानों ने न केवल सैन्य ठिकानों, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग वर्कशॉप और एक हॉर्स-राइडिंग क्लब पर भी मिसाइलें दागीं। राजधानी तेहरान और अल्बोरज़ प्रांत में तेल डिपो को निशाना बनाए जाने से कम से कम चार टैंकर चालकों की जान चली गई है।

परमाणु केंद्रों को कब्जे में लेने की तैयारी?

इस्फहान शहर ईरान के परमाणु ऊर्जा केंद्रों का मुख्य गढ़ है। एक्सियोस की एक सनसनीखेज रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल अब ईरान के भीतर अपनी स्पेशल फोर्सेस भेजने पर विचार कर रहे हैं। इस गुप्त योजना का उद्देश्य ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को अपने कब्जे में लेना है। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कदम युद्ध के अगले चरण में उठाया जाएगा, जब यह सुनिश्चित हो जाए कि ईरान अब पलटवार करने की स्थिति में नहीं बचा है।

ईरानी वायु सेना की कमर तोड़ी: IDF का दावा

इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने टेलीग्राम पर जारी एक बयान में कहा कि उन्होंने हवाई अड्डे के साथ-साथ उन डिटेक्शन सिस्टम और एयर डिफेंस सिस्टम को भी नष्ट कर दिया है जो उनके विमानों के लिए खतरा पैदा कर सकते थे। IDF ने यह भी याद दिलाया कि यह कार्रवाई शुक्रवार को तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर किए गए उस हमले के बाद की गई है, जिसमें कुद्स फोर्स के 16 विमान नष्ट कर दिए गए थे।

28 फरवरी को शुरू हुआ यह युद्ध अब वैश्विक शक्तियों को अपनी चपेट में ले चुका है। तेल डिपो पर हमलों से दुनिया भर में ईंधन की आपूर्ति और परिवहन क्षेत्र चरमरा गया है। ईरान ने पलटवार करते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं, जिससे खाड़ी के शांत क्षेत्र भी अब युद्ध की आग में झुलस रहे हैं।

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लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


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