सीजफायर के बीच हमास पर हमला करते रहेगा इजरायल, गाजा में 'लेबनान मॉडल' लागू होगा?

सीजफायर के बीच हमास पर हमला करते रहेगा इजरायल, गाजा में 'लेबनान मॉडल' लागू होगा?

संक्षेप:

इजरायल ने दक्षिणी लेबनान पर हमलों की धार तेज कर दी है। लेबनान के साथ नवंबर 2024 का युद्धविराम अब लगभग एक वर्ष पुराना हो चुका है, फिर भी इजरायल लगभग रोजाना हमले कर रहा है। एक्सपर्ट का अनुमान है कि गाजा में भी यही पैटर्न दोहराया जाएगा, यानी युद्धविराम के बावजूद छिटपुट लेकिन हमले जारी रहेंगे।

Oct 21, 2025 12:52 pm ISTDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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गाजा में 10 अक्टूबर को लागू हुए युद्धविराम ने दो वर्षों से चली आ रही हिंसा को तो रोका, लेकिन यह समझौता बेहद नाजुक साबित हो रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से बने इस करार में मानवीय सहायता बढ़ाने और रफा सीमा को फिर से खोलने के प्रावधान थे। हालांकि, दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उल्लंघन के आरोप लगा रहे हैं। 19 अक्टूबर को हमास ने रफा में इजरायली सैनिकों पर हमला किया, जिसमें दो इजरायली सैनिक मारे गए। इसके जवाब में इजरायल ने गाजा पर हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम 26 फिलिस्तीनी मारे गए। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।

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उधर, इजरायल ने दक्षिणी लेबनान पर हमलों की धार तेज कर दी है। लेबनान के साथ नवंबर 2024 का युद्धविराम अब लगभग एक वर्ष पुराना हो चुका है, फिर भी इजरायल लगभग रोजाना हमले कर रहा है। इजरायल का कहना है कि ये हिजबुल्लाह के ठिकानों को टार्गेट करते हैं, जबकि लेबनान इन्हें युद्धविराम का खुला उल्लंघन बताता है। वहीं, एक्सपर्ट का अनुमान है कि गाजा में भी यही पैटर्न दोहराया जाएगा, यानी युद्धविराम के बावजूद छिटपुट लेकिन निरंतर हमले जारी रहेंगे।

बता दें कि 11 अक्टूबर को एक निर्माण सामग्री व्यवसाय पर बम विस्फोट में एक सीरियाई नागरिक की मौत हो गई, सात लोग घायल हुए (जिनमें दो महिलाएं थीं), और लाखों डॉलर कीमत के बुलडोजर व खुदाई मशीनें नष्ट हो गईं। ऐसे हमले उन देशों के लिए चौंकाने वाले होते हैं जो युद्ध की लपटों से दूर हैं, लेकिन लेबनान में इजरायली हमले अब आम हो चुके हैं। अमेरिका की मध्यस्थता से लगभग एक वर्ष पहले इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच टकराव थमा था।

कुछ विश्लेषक इसे गाजा युद्धविराम का संभावित रूप मानते हैं, जहां कम तीव्रता का लेकिन लंबा खिंचता संघर्ष बना रहे। रविवार को इजरायल ने गाजा पर हमला किया, जब उसने दावा किया कि हमास ने उसके सैनिकों पर गोलीबारी की। लेबनान का यह अनुभव गाजा के लिए एक सबक बन सकता है, जो इजरायली सेना को पूर्ण युद्ध के बिना, संभावित खतरे पर हमला करने की छूट देता है।

कब भड़का था इजरायल हिजबुल्लाह संघर्ष?

इजरायल-हिजबुल्लाह का हालिया संघर्ष 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले के ठीक एक दिन बाद भड़का था, जिसने गाजा में युद्ध की आग लगाई। दक्षिणी लेबनान में सक्रिय इस प्रमुख उग्रवादी समूह ने हमास और फिलिस्तीनियों के समर्थन में इजरायल पर रॉकेट दागे। इजरायल ने हवाई हमलों और तोपखाने से जवाबी कार्रवाई की। यह सीमित टकराव सितंबर 2024 में पूर्ण युद्ध में बदल गया। 27 नवंबर 2024 को दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम हुआ। कथित उल्लंघनों की शिकायतें अमेरिका, फ्रांस, इजरायल, लेबनान और संयुक्त राष्ट्र शांति बल (यूनिफिल) की संयुक्त निगरानी समिति को दी जा सकती हैं, लेकिन प्रवर्तन प्रक्रिया अस्पष्ट बनी हुई है। व्यावहारिक रूप से इजरायल ने इसे अपने विवेक पर छोड़ दिया है। ये दावा करते हुए कि उसके हमले हिजबुल्लाह के लड़ाकों, ठिकानों और हथियारों पर केंद्रित हैं।

इजरायल का तर्क है कि इसका उद्देश्य बुरी तरह क्षतिग्रस्त संगठन को पुनर्गठित होने से रोकना है। लेबनानी अधिकारी इसे हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण प्रयासों में बाधा बताते हैं, जो समूह को हथियार बनाए रखने का औजार देता है। लेबनान का आरोप है कि 11 अक्टूबर जैसे हमले अक्सर नागरिकों को नुकसान पहुंचाते हैं और हिजबुल्लाह से असंबंधित बुनियादी ढांचे को उजाड़ते हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्धविराम के बाद इजरायली सैन्य कार्रवाइयों में 270 से अधिक लोग मारे गए और लगभग 850 घायल हुए। प्रवक्ता थमीन अल-खेतन ने कहा कि 9 अक्टूबर तक संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने पुष्टि की कि मृतकों में 107 नागरिक या गैर-लड़ाके शामिल थे। युद्धविराम के बाद लेबनान की ओर से हुई गोलीबारी में कोई इजरायली हताहत नहीं हुआ।

यूनिफिल की प्रवक्ता कैंडिस अर्दील ने बताया कि 27 नवंबर 2024 से मध्य अक्टूबर तक, लेबनान में इजरायल ने करीब 950 प्रोजेक्टाइल दागे और 100 हवाई हमले किए। इसी अवधि में लेबनान से इजरायल की ओर केवल 21 प्रोजेक्टाइल लॉन्च हुए। युद्धविराम के बाद हिजबुल्लाह ने महज एक हमले का दावा किया है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इन हमलों को 'नागरिक सुविधाओं पर क्रूर प्रहार' बताया। संसद अध्यक्ष नबीह बेरी ने इजरायल पर समुदायों के पुनर्निर्माण में बाधा डालने का आरोप लगाया। लेबनान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शिकायत दर्ज कराई है।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap
देवेन्द्र कश्यप, लाइव हिंदुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर। पटना से पत्रकारिता की शुरुआत। महुआ न्यूज, जी न्यूज, ईनाडु इंडिया, राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे बड़े संस्थानों में काम किया। करीब 11 साल से डिजिटल मीडिया में कार्यरत। MCU भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई। पटना व‍िश्‍वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस से ग्रेजुएशन। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में नेशनल, इंटरनेशनल डेस्क पर सेवा दे रहे हैं। और पढ़ें

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