ईरानी शासन के दिन अब गिने-चुने... ट्रंप ने फिर बरसाए बम तो नेतन्याहू ने किया दावा
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के छठे महीने में इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को दावा किया कि ईरान का इस्लामी गणराज्य जल्द ही पतन के कगार पर पहुंच सकता है।

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध अब अपने छठे महीने में प्रवेश कर चुका है। ऐसे में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान का इस्लामी गणराज्य जल्द ही पतन के कगार पर पहुंच सकता है। नेतन्याहू के अनुसार, अमेरिका द्वारा हवाई हमलों की दोबारा शुरुआत के बाद ईरानी शासन पहले से कहीं अधिक कमजोर और अस्थिर हो गया है।
नेतन्याहू ने सैन्य कमान के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक कार्यक्रम में कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि हम इस खतरे को हमेशा के लिए समाप्त कर सकते हैं। यानी इस शासन को उखाड़ फेंक सकते हैं। यही वह मुख्य कार्य है जो अभी भी हमारे सामने है। लेकिन यह संभव है। यह असंभव नहीं है। यह हमारी पहुंच में है। इस दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान से पैदा होने वाले खतरे को स्थायी रूप से खत्म करने का मौका अब पहले से कहीं अधिक करीब है।
फरवरी के हमले और नेतृत्व का खात्मा
बता दें कि फरवरी के अंत में अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत देश के शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के कई प्रमुख चेहरे मारे गए थे। इन हमलों के बाद नेतन्याहू और वाइट हाउस में उनके सहयोगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों इस उम्मीद में थे कि तेहरान पर दबाव इतना बढ़ जाएगा कि शासन भीतर से टूट सकता है। हालांकि ईरान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की। खाड़ी क्षेत्र में कई लक्ष्यों पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए गए। ईरानी सेना ने अमेरिकी-इजरायली अभियान का प्रतिरोध जारी रखा और कुछ समय तक संघर्ष में आंशिक विराम के बावजूद मोर्चा पूरी तरह नहीं छोड़ा।
नई झड़पें और होर्मुज का तनाव
गौरतलब है कि कुछ हफ्तों के शांत रहने के बाद रविवार को अमेरिकी हवाई हमलों के साथ नई झड़पें शुरू हो गईं। इससे क्षेत्रीय गतिरोध और गहरा गया है। ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है। विश्व के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है।
दूसरी ओर अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की जवाबी नाकाबंदी तेज कर दी है। मंगलवार को अमेरिकी सेना ने होर्मुज के निकट ईरानी ठिकानों पर हमला किया। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस हमले को 'बहुत भीषण हमला' बताया। ट्रंप की ओर से और हमलों की चेतावनी के बावजूद ईरानी सेना ने गुरुवार को संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।


