ये हैं 168 बच्चों के हत्यारे, इनको याद रखें; ईरान ने अमेरिकी कमांडरों की तस्वीरें दिखाई
ईरान ने मीनाब शहर में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए घातक मिसाइल हमले के लिए दो अमेरिकी नौसेना अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनकी पहचान सार्वजनिक कर दी है। इस हमले में लगभग 175 लोग मारे गए थे। मृतकों में अधिकतर बच्चे शामिल थे।

मीडिल ईस्ट में तनाव जारी है। हमलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इस बीच ईरान ने मीनाब शहर में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए घातक मिसाइल हमले के लिए दो अमेरिकी नौसेना अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनकी पहचान सार्वजनिक कर दी है। इस हमले में लगभग 175 लोग मारे गए थे। मृतकों में अधिकतर बच्चे शामिल थे। इस घटना के बाद से ही कई सवाल खड़े हो रहे हैं। दूसरी ओर भारत, दक्षिण अफ्रीका और नाइजीरिया स्थित ईरानी दूतावासों ने रविवार को इन अधिकारियों की तस्वीरें जारी की, और उनके नाम बताए। ईरान के मुताबिक, ये दोनों अधिकार यूएसएस स्प्राउंस (USS Spruance) का कमांडिंग ऑफिसर ली आर. टेट (Leigh R. Tate) औऱ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर जेफरी ई. यॉर्क (Jeffrey E. York) हैं।
दूतावासों ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि इन दोनों अधिकारियों ने तीन मौकों पर टोमाहॉक मिसाइलों के प्रक्षेपण को अधिकृत किया, जिसके परिणामस्वरूप 28 फरवरी को मीनाब के शजारेह तैय्येबेह गर्ल्स स्कूल पर घातक हमला हुआ। भारत स्थित ईरानी दूतावास ने लिखा कि इन दो अपराधियों को याद रखें। यूएसएस स्प्राउंस के कमांडर ली आर. टेट और कार्यकारी अधिकारी जेफरी ई. यॉर्क, जिन्होंने तीन बार टोमाहॉक मिसाइलें दागने का आदेश दिया, जिससे मीनाब स्कूल में 168 निर्दोष बच्चों की मौत हो गई।
दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने इसी तरह की पोस्ट साझा करते हुए सवाल किया कि क्या इनके अपने बच्चे नहीं हैं? वहीं, नाइजीरिया स्थित दूतावास ने और तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि इन दो अपराधियों ने मीनाब में 168 निर्दोष स्कूली बच्चों का नरसंहार किया। क्या उनके अपने बच्चे हैं? क्या वे उनकी आंखों में आंखें डालकर देख सकते हैं? इस घटना के बाद वे रात को कैसे सो पाते हैं?
क्या बोले थे ईरानी विदेश मंत्री
जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की आपातकालीन बहस के दौरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस हमले को संघर्ष के पहले दिन का 'सुनियोजित, चरणबद्ध हमला' बताया था। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि इस जानबूझकर किए गए हमले में 175 से अधिक छात्राएं और शिक्षक मारे गए।
दूसरी ओर न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, हमले के दौरान लक्ष्य निर्धारित करने के लिए इस्तेमाल किया गया खुफिया डेटा पुराना था। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मिसाइल का असल निशाना स्कूल के बगल में स्थित एक ईरानी सैन्य अड्डा था, जो पहले उसी परिसर का हिस्सा था। गलत या पुराने मानचित्र डेटा के कारण स्कूल पर हमला हो गया। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि जांच अभी जारी है और कई सवाल अनसुलझे हैं, जिनमें खुफिया जानकारी की पुष्टि न करने का मुद्दा भी शामिल है।
ट्रंप ने ईरान पर ही लगा दिया था आरोप
वाशिंगटन ने स्पष्ट किया है कि वह नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाता और घटना की समीक्षा कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरुआत में ईरान पर ही आरोप लगाया था और कहा था कि तेहरान के हथियार अक्सर अशुद्ध होते हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने सोशल मीडिया पर हमले का वीडियो फुटेज साझा करते हुए अमेरिका पर युद्ध अपराध का आरोप लगाया है।
बता दें कि यह हमला 28 फरवरी को उस समय हुआ जब अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने ईरान पर हमले शुरू किए, जिससे मध्य पूर्व में व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष छिड़ गया। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल और खाड़ी देशों के ठिकानों पर हमले किए, जिससे तनाव और बढ़ गया।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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