परमाणु डील पर ईरान हो गया तैयार... मगर रख दी ये बड़ी शर्त, मानेंगे ट्रंप या करेंगे वार?
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम को पतला करने की संभावना इस बात पर निर्भर करती है कि बदले में सभी प्रतिबंध हटा दिए जाते हैं या नहीं।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बड़ा बयान सामने आया है। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने सोमवार को कहा कि अगर अमेरिका ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हटा लेता है, तो ईरान अपने 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम को पतला (Dilute) करने के लिए तैयार है। यह बयान वाशिंगटन के साथ बातचीत फिर शुरू होने के बाद आया है।
सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम को पतला करने की संभावना इस बात पर निर्भर करती है कि बदले में सभी प्रतिबंध हटा दिए जाते हैं या नहीं। हालांकि, उनके बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इसमें ईरान पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध शामिल हैं या केवल अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध।
बता दें कि यहां यूरेनियम को पतला करने का मतलब है इसे अन्य मिश्रण सामग्री के साथ मिलाकर संवर्धन स्तर को कम करना, ताकि अंतिम उत्पाद किसी निश्चित संवर्धन सीमा से ऊपर न जाए।
दरअसल, पिछले साल जून में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमलों से पहले ईरान 60 प्रतिशत तक यूरेनियम संवर्धन कर रहा था, जो 2015 में विश्व शक्तियों के साथ हुए (अब समाप्त) परमाणु समझौते (JCPOA) के तहत अनुमत 3.67 प्रतिशत की सीमा से बहुत अधिक है। अमेरिका के नेतृत्व वाले पश्चिमी देशों को संदेह है कि तेहरान परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश कर रहा है, हालांकि ईरान इस आरोप से इनकार करता है।
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी (IAEA) के अनुसार, ईरान एकमात्र ऐसा गैर-परमाणु हथियार वाला देश है जो 60 प्रतिशत तक यूरेनियम संवर्धन कर रहा है। IAEA निरीक्षकों की ओर से 10 जून को रिकॉर्ड किए गए आंकड़ों के अनुसार, हमलों से पहले ईरान के पास मौजूद 400 किलोग्राम से अधिक अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम था। हालांकि इसका क्या हुआ, इस बारे में अभी तक जानकारी नहीं मिल सकी है। बताया जाता है कि अगर संवर्धन 90 प्रतिशत तक पहुंच जाए, तो ऐसे भंडार से ईरान नौ या इससे अधिक परमाणु बम बना सकता है।
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार ईरान पर संवर्धन पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की है, जो तेहरान के लिए अस्वीकार्य है और 2015 के समझौते से कहीं अधिक कठोर है। ईरान का कहना है कि परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के प्रावधानों के तहत उसे शांतिपूर्ण नागरिक परमाणु कार्यक्रम चलाने का अधिकार है, जिस पर उसने और दुनिया के 190 अन्य देशों ने हस्ताक्षर किए हैं।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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