शांति चाहते हो या युद्ध, फैसला तुमको करना है; ईरान का अमेरिका को सख्त संदेश
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने तेहरान में विदेशी राजनयिकों से बातचीत में कहा कि कूटनीति का रास्ता अपनाना है या टकरावपूर्ण रुख जारी रखना है, यह फैसला अब अमेरिका को करना है। ईरान दोनों विकल्पों के लिए पूरी तरह तैयार है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के नए शांति प्रस्ताव को अस्वीकार करने के संकेत देने के बाद ईरान ने कहा है कि अब अगला कदम पूरी तरह अमेरिका पर निर्भर करता है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने तेहरान में विदेशी राजनयिकों से बातचीत में कहा कि कूटनीति का रास्ता अपनाना है या टकरावपूर्ण रुख जारी रखना है, यह फैसला अब अमेरिका को करना है। ईरान दोनों विकल्पों के लिए पूरी तरह तैयार है।
दरअसल, ट्रंप ने शनिवार को एयर फोर्स वन में सवार होने से पहले पत्रकारों से कहा कि वह तेहरान के प्रस्ताव की समीक्षा करेंगे, लेकिन इसके सफल होने की संभावना पर उन्होंने संदेह जताया। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अभी तक पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है। उन्होंने आगे कहा कि मैं आपको इसके बारे में बाद में बताऊंगा। कुछ देर बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वे इस प्रस्ताव को स्वीकार्य मानने की कल्पना भी नहीं कर सकते, क्योंकि ईरान ने पिछले 47 वर्षों में मानवता और दुनिया के साथ जो किया है, उसके लिए अभी तक पर्याप्त सजा नहीं भुगती है।
ईरान में पाकिस्तान के माध्यम से भेजा था 14 सूत्रीय प्रस्ताव
ईरान के दो अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों तसनीम और फ़ार्स ने रिपोर्ट किया कि तेहरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को 14 सूत्रीय नया शांति प्रस्ताव भेजा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इजरायल के बीच फरवरी के अंत में शुरू हुए युद्धविराम के बाद 8 अप्रैल से अस्थायी युद्धविराम लागू है। वाशिंगटन ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने वाला ठोस समझौता हुए बिना युद्ध समाप्त नहीं किया जाएगा। ईरान का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण है।
प्रस्ताव की मुख्य मांगें क्या?
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के प्रस्ताव में शामिल प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं...
- ईरान के आसपास के क्षेत्रों से अमेरिकी सैनिकों की वापसी
- होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नाकाबंदी हटाना
- ईरान की जब्त संपत्तियों की रिहाई और मुआवजा
- सभी प्रतिबंधों को हटाना
- लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध का अंत
- होर्मुज के लिए नया नियंत्रण तंत्र स्थापित करना
रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान परमाणु मुद्दों के हल होने से पहले ही होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने का प्रस्ताव दे रहा है।
ट्रंप का सैन्य कार्रवाई का इशारा
फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि अगर वे दुर्व्यवहार करते हैं या कुछ गलत करते हैं, तो हम देखेंगे। यह निश्चित रूप से एक विकल्प है। इस बीच, अमेरिका ने शिपिंग कंपनियों को चेतावनी जारी की है कि होर्मुज से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए ईरान को किसी भी रूप में भुगतान करने पर उन्हें गंभीर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। इस चेतावनी में नकद भुगतान के साथ-साथ डिजिटल संपत्तियां, ऑफसेट, अनौपचारिक अदला-बदली और यहां तक कि धर्मार्थ दान भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने होर्मुज पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है, जिससे वैश्विक तेल, गैस और उर्वरक आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। जवाब में अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी लगा दी है, जिससे तेहरान की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंच रहा है। इस गतिरोध के चलते तेल की कीमतें युद्ध से पहले के स्तर से करीब 50 प्रतिशत बढ़ गई हैं।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


