बिना इजाजत हिले तो खैर नहीं, ड्रोन से उड़ा देंगे; ईरान ने होर्मुज को घोषित किया 'नो-मूव' जोन
ईरान ने फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में सख्त नाकाबंदी कर दी है। जहाजों को हिलने तक की मनाही है। विदेशी तेल टैंकरों पर ईरानी ड्रोन हमलों के खतरे से दुनिया भर में खलबली मच गई है। पूरी खबर पढ़ें।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने फारस की खाड़ी में अपनी समुद्री नाकाबंदी को बेहद आक्रामक रूप से तेज कर दिया है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस जलमार्ग में IRGC ने 'नो-मूव' जोन लागू कर दिया है जहां जहाजों के हिलने-डुलने पर भी सख्त मनाही है। ईरानी फौज ने दावा किया है कि वे अब तक कई अंतरराष्ट्रीय जहाजों को निशाना बना चुके हैं।
IRGC का कड़ा रुख और चेतावनियां
ईरान के सरकारी प्रसारक 'प्रेस टीवी' ने एक्स पर फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के बीच से एक ग्राउंड डॉक्यूमेंट्री साझा की है। डॉक्यूमेंट्री में बताया गया है कि IRGC ने अब तक 14 तेल टैंकरों पर हमला करने का दावा किया है, जिनमें दो अमेरिकी टैंकर भी शामिल हैं। IRGC नौसेना बल के कमांडर रियर एडमिरल अलीरेज़ा तंगसिरी ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी भी जहाज को ईरान से पूर्व अनुमति लेनी होगी, अन्यथा उसे ईरानी हमलों का सामना करना पड़ सकता है। चेतावनी को नजरअंदाज करने पर बुधवार को दो जहाजों- 'एक्सप्रेस रोम' और 'मयूरी नारी' को निशाना बनाया गया।
डॉक्यूमेंट्री में दिखा खौफनाक मंजर
डॉक्यूमेंट्री के दृश्य बेहद तनावपूर्ण माहौल को दर्शाते हैं। वीडियो में बंदर अब्बास के बासीज लड़ाकों को स्पीडबोट्स का संचालन करते हुए दिखाया गया है। इन्हें फारस की खाड़ी के रक्षक कहा जा रहा है। विदेशी तेल टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिर खड़े हैं। उन्हें अपना इंजन चालू करने तक की अनुमति नहीं है। IRGC ने समुद्र में एक ऐसा क्षेत्र निर्धारित कर दिया है जहां से कुछ दर्जन मीटर भी खिसकने पर जहाजों पर तुरंत ड्रोन से हमला किया जा रहा है। वीडियो में होर्मुज द्वीप, जलडमरूमध्य, लारक द्वीप और उन ऊंचाइयों को दिखाया गया है जहां IRGC के लड़ाके तैनात हैं। एक दृश्य में नैरेटर कैमरामैन को आसमान में उड़ रहे ईरानी ड्रोन को लेकर चेतावनी देता है और वहां से तेजी से निकलने के लिए कहता है।
तनाव का मुख्य कारण
यह आक्रामक नाकाबंदी 28 फरवरी को ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता (सुप्रीम लीडर) की मृत्यु के बाद शुरू हुए अमेरिका-इजरायली हवाई हमलों की प्रतिक्रिया है। ईरानी सेनाएं इसके जवाब में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति पर प्रभाव
इस नाकाबंदी का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से रोजाना लगभग 2 करोड़ (20 मिलियन) बैरल कच्चा तेल गुजरता है, जो वैश्विक खपत का लगभग 20% (पांचवां हिस्सा) है। तेल की बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए, अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने अगले सप्ताह से अपने रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) से 17.2 करोड़ बैरल तेल जारी करने की योजना की घोषणा की है। इस प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग 120 दिन लगेंगे।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की पहल
इससे पहले, IEA ने आपूर्ति में आई इस बड़ी बाधा को दूर करने के लिए अपने 32 सदस्य देशों के आपातकालीन भंडार से 40 करोड़ (400 मिलियन) बैरल तेल जारी करने की घोषणा की थी। इन सभी अंतरराष्ट्रीय उपायों के बावजूद, IRGC ने इस जलमार्ग पर अपना कड़ा नियंत्रण बनाए रखा है। विदेशी जहाज अभी भी हवाई हमलों के खतरे के साये में फंसे हुए हैं और उन्हें इंजन तक चालू करने की मनाही है।
लेखक के बारे में
Amit Kumarडिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
अमित न केवल समाचारों के त्वरित प्रकाशन में माहिर हैं, बल्कि वे खबरों के पीछे छिपे 'क्यों' और 'कैसे' को विस्तार से समझाने वाले एक्सप्लेनर लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं। डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों, जैसे कि कीवर्ड रिसर्च, ट्रेंड एनालिसिस और एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन को वे बखूबी समझते हैं। उनकी पत्रकारिता की नींव 'फैक्ट-चेकिंग' और सत्यापन पर टिकी है। एक मल्टीमीडिया पत्रकार के तौर पर अमित का सफर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ रहा है। उन्होंने अमर उजाला, वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे बड़े मीडिया घरानों के साथ काम किया है।
अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।
और पढ़ेंलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


