
ट्रंप की धमकी के बाद उखड़े ईरान के सेना प्रमुख, 'हाथ काटने' की खाई कसम
ईरान में आर्थिक संकट और बढ़ती महंगाई के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुके हैं। इन प्रदर्शनों को देखते हुए अमेरिका और इजरायल ने खुलकर ईरानी जनता का समर्थन किया है, जबकि ईरान की सेना ने बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है।
ईरान में आर्थिक संकट और बढ़ती महंगाई के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुके हैं। इन प्रदर्शनों को देखते हुए अमेरिका और इजरायल ने खुलकर ईरानी जनता का समर्थन किया है, जबकि ईरान की सेना ने बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है। ईरान के सैन्य प्रमुख जनरल अमीर हतामी ने बुधवार को चेतावनी दी कि तेहरान चुपचाप खड़ा नहीं रहेगा और बाहरी शक्तियों द्वारा खुद को धमकाने की अनुमति नहीं देगा। इस दौरान उन्होंने किसी भी विदेशी आक्रमणकारी की 'हाथ काट देने' की शपथ ली। फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, हतामी ने कहा कि ईरान का इस्लामी गणराज्य ईरानी राष्ट्र के खिलाफ शत्रुतापूर्ण बयानबाजी में वृद्धि को एक खतरा मानता है और बिना जवाब दिए इसे सहन नहीं करेगा। सरकारी मीडिया के अनुसार, सैन्य प्रमुख ने किसी भी शत्रुतापूर्ण गलती पर और भी कड़ी जवाबी कार्रवाई का वादा किया।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरानी अधिकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा करते हैं तो वाशिंगटन उनकी मदद के लिए तैयार है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाता है और उन्हें बेरहमी से मारता है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका उनकी मदद के लिए आगे आएगा। हम पूरी तरह तैयार हैं और कार्रवाई के लिए तत्पर हैं। ट्रंप की चेतावनियों का जवाब देते हुए, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि अमेरिका को अपने सैनिकों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
ईरान के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी
वहीं, ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात के बाद ईरान के खिलाफ संभावित कार्रवाई की चेतावनी दी, जिसमें जून 2025 में हुए संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद तेहरान द्वारा अपने परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं के विस्तार की चिंताओं का जिक्र किया। इस बीच, नेतन्याहू ने क्षेत्र में चल रहे प्रदर्शनों के प्रति समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इजरायल सरकार, इजरायल राज्य और उनकी नीतियां ईरानी जनता के संघर्ष तथा उनकी स्वतंत्रता, आजादी और न्याय की आकांक्षाओं के साथ हैं। यह पूरी तरह संभव है कि हम ऐसे मोड़ पर हैं जहां ईरानी जनता अपना भाग्य खुद अपने हाथों में ले रही है।
ईरान में विरोध प्रदर्शन
गौरतलब है कि आर्थिक संकट और बढ़ती कीमतों को लेकर विरोध प्रदर्शन तेहरान से देश भर के शहरों में फैल गए हैं। रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिर गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण उत्पन्न आर्थिक संकट और बदतर हो गया है। एक सप्ताह से अधिक समय से जारी प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 35 लोगों की मौत हो चुकी है और 1200 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

लेखक के बारे में
Devendra Kasyapलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




