ईरान में हैकिंग से हलचल, इजरायल ने हैक किया नमाज ऐप; और 'गुप्त' संदेश से काम तमाम
तेहरान में भयंकर तबाही मचाने वाले अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने ईरान के लाखों मुसलमानों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले लोकप्रिय प्रार्थना ऐप को हैक कर लिया और…
तेहरान में भयंकर तबाही मचाने वाले अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने ईरान के लाखों मुसलमानों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले लोकप्रिय प्रार्थना ऐप 'बदेसाबा कैलेंडर' को हैक कर लिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGS) के जवानों से शासन के खिलाफ बगावत करने, हथियार डालने और देश को आजाद कराने का आह्वान किया। 'मदद आ गई है' जैसे संदेशों से भरे नोटिफिकेशन ने लाखों फोनों पर धमाल मचा दिया, ठीक उसी समय जब मिसाइलें तेहरान पर बरस रही थीं और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई बड़े नेता मारे गए।
दरअसल, ईरानी सरकारी मीडिया ने रविवार को पुष्टि की कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को अमेरिका और इजरायल द्वारा तेहरान पर किए गए सैन्य हमलों की एक श्रृंखला में मार दिया गया है। इन हमलों में दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की भी मौत हो गई। ये हमले वाशिंगटन और तेल अवीव द्वारा इस्लामी गणराज्य में सत्ता परिवर्तन की प्रतिज्ञा के बाद हुए। रिपोर्ट के अनुसार, इस ऑपरेशन में अमेरिकी केंद्रीय खुफिया एजेंसी (CIA) की खुफिया जानकारी का उपयोग किया गया, जिसने महीनों तक खामेनेई पर निगरानी रखी थी।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मामले से जानकार लोगों के हवाले से बताया गया कि सीआईए को शनिवार सुबह मध्य तेहरान में एक नेतृत्व परिसर में शीर्ष ईरानी अधिकारियों की एक नियोजित बैठक की जानकारी मिली थी। बताया गया कि रात के समय होने वाले इन हमलों को सीआईए की इस जानकारी के आधार पर समय से पहले कर दिया गया। अखबार के मुताबिक, अमेरिका ने ये जानकारी इजरायल के साथ साझा किए, जिसने फिर ईरान के नेतृत्व पर हमले की योजना बनाई। इजरायल के स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 6:00 बजे हमले शुरू हुए और लगभग 9:40 बजे लंबी दूरी की मिसाइलों ने परिसर को निशाना बनाया। राष्ट्रीय सुरक्षा के वरिष्ठ अधिकारी एक इमारत में इकट्ठा थे, जबकि खामेनेई पास की एक इमारत में थे।
ईरान की न्यायपालिका ने पुष्टि की है कि खामेनेई के अलावा, इस बम विस्फोट में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख जनरल मोहम्मद पाकपुर और शीर्ष सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी भी मारे गए। सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ साइबर हमले भी किए जा रहे थे। इजरायल ने लोकप्रिय ईरानी प्रार्थना ऐप 'बदेसाबा कैलेंडर' (BadeSaba Calendar) को हैक कर लिया, जो मुसलमानों को नमाज के समय बताने में मदद करता है और इसे गूगल प्ले स्टोर से अकेले पांच मिलियन से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है।
घटना से परिचित लोगों के अनुसार, इस हैक के जरिए शनिवार सुबह संभावित रूप से लाखों उपकरणों पर नोटिफिकेशन भेजे गए, जिनमें ईरानी सैन्य कर्मियों से शासन से अलग होकर देश को मुक्त कराने के प्रयासों में शामिल होने का आग्रह किया गया था। फारसी भाषा में लिखे गए इन नोटिफिकेशन में 'मदद आ गई है' जैसे संदेश शामिल थे, जैसा कि सोशल मीडिया पर साझा किए गए विभिन्न स्क्रीनशॉट्स में दिखाया गया है। यह ऐप में हुई गड़बड़ी एक बड़े साइबर अभियान का हिस्सा थी। ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए सहित कई समाचार साइटों को हैक किया गया था, ताकि उन पर हमलों से संबंधित ऐसी सामग्री पोस्ट की जा सके जिसका उद्देश्य शासन को बदनाम करना था।
आईआरएनए के मुखपृष्ठ पर प्रदर्शित एक संदेश में कहा गया था कि अयातुल्लाह शासन की सुरक्षा बलों के लिए एक भयावह घड़ी थी। इससे आईआरजीसी और बासिज को एक करारा झटका लगा है। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं, जिसमें अमीरात की राजधानी अबू धाबी और वहां अमेरिकी सैन्य ठिकानों के पास के इलाके शामिल हैं, जिससे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंकाएं बढ़ गई हैं। दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सैन्य बमबारी जब तक आवश्यक होगा तब तक जारी रहेगी।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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