इजरायल में 12 घंटे में 5 हत्याएं, 2026 में अब तक मारे गए 44 इजरायली-अरब समुदाय के लोग

Feb 12, 2026 04:28 pm ISTDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
share

इजरायल के अरब समुदायों में हिंसक घटनाएं अब भी जारी है। देश भर में हुई हिंसा की घटनाओं में पांच इजरायली-अरबों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि मात्र 12 घंटे के अंदर 5 लोगों की हत्या हुई है।

इजरायल में 12 घंटे में 5 हत्याएं, 2026 में अब तक मारे गए 44 इजरायली-अरब समुदाय के लोग

इजरायल के अरब समुदाय में संगठित अपराध, अवैध हथियारों की भरमार और हिंसक हत्याओं का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। 2025 में रिकॉर्ड 252 हत्याएं दर्ज होने के बाद 2026 की शुरुआत से ही यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 44 अरब नागरिकों की हिंसक मौत हो चुकी है। ताजा मामले में 5 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के अरब समुदायों में हिंसक घटनाएं अब भी जारी है। देश भर में हुई हिंसा की घटनाओं में पांच इजरायली-अरबों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि मात्र 12 घंटे के अंदर 5 लोगों की हत्या हुई है। अरब समुदायों में जारी हिंसक अपराधों के कारण अब तक 44 इजरायली अरब मारे जा चुके हैं, ऐसे में लोगों में डर का माहौल है, और सुरक्षा की मांग की जा रही है।

बता दें कि इजरायल में अरब समुदायों में बढ़ती हिंसक अपराधों और हत्याओं के खिलाफ देशव्यापी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जहां लोग सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। साल की शुरुआत से अब तक अरब कस्बों में आपराधिक हिंसा में 44 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 252 हत्याएं दर्ज की गई थीं।

गौरतलब है कि 10 जनवरी को विरोध प्रदर्शन की शुरुआत जाफा के क्लॉक स्क्वायर से हुई थी, और यरूशलम, बीर-शेवा, लोद, तामरा तथा जिस्र-ए-जारका में भी प्रदर्शन हुए। उसके बाद से पूरे देश में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी हैं। उस दिन पूर्व सांसद और उच्च अरब निगरानी समिति के अध्यक्ष जमाल जाहल्का ने कहा था कि अरब नागरिक पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जाहल्का ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर को बर्खास्त करने की मांग की थी।

आयोजकों के अनुसार, साल की शुरुआत से अब तक अरब कस्बों और मोहल्लों में आपराधिक हिंसा से जुड़ी घटनाओं में 44 लोग मारे जा चुके हैं। इसी कारण लोग सड़कों पर उतरकर सरकार से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। साथ ही, सरकार पर अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई न करने, संगठित अपराध नेटवर्क को रोकने में नाकाम रहने और अरब समुदायों की लंबे समय से उपेक्षा करने का आरोप लगा रहे हैं।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।