अमेरिकी नाकाबंदी धरी रह गई, ईरान का सुपरटैंकर होर्मुज से बेखौफ निकला; ट्रंप की सेना कुछ नहीं कर पाई!
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अमेरिकी नाकाबंदी के सक्रिय रहते हुए भी एक ईरानी सुपरटैंकर होर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर गया और इमाम खुमैनी बंदरगाह की ओर बढ़ गया। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह विशाल कच्चे तेल वाहक लगभग दो मिलियन बैरल कच्चे तेल ले जाने की क्षमता रखता है।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अमेरिकी नाकाबंदी के सक्रिय रहते हुए भी एक प्रतिबंधित ईरानी सुपरटैंकर बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर गया और इमाम खुमैनी बंदरगाह की ओर बढ़ गया। ईरान की अर्धसरकारी फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह विशाल कच्चे तेल वाहक लगभग दो मिलियन बैरल कच्चे तेल ले जाने की क्षमता रखता है। टैंकर ने अपना ट्रैकिंग सिस्टम चालू रखते हुए बिना किसी छिपाव के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र और होर्मुज से गुजरते हुए ईरानी जलक्षेत्र में प्रवेश किया। फार्स ने यह भी स्पष्ट किया कि टैंकर माल लदे हुए था या खाली, फिलहाल इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है।
रिपोर्ट में यह भी बताया कि इसके साथ ही, खाद्य सामग्री ले जा रहा एक अन्य जहाज भी खाड़ी में प्रवेश कर चुका है और इमाम खुमैनी बंदरगाह की ओर जा रहा है। ईरान इन नौसैनिक प्रतिबंधों के बीच अपनी आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, ये रिपोर्टें अमेरिकी सेना के आधिकारिक दावों से पूरी तरह विपरीत हैं। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने बुधवार को घोषणा की कि ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई पूर्ण नाकाबंदी सफलतापूर्वक लागू हो गई है और अमेरिकी सेना ने क्षेत्रीय जलमार्गों, खासकर होर्मुज में समुद्री वर्चस्व स्थापित कर लिया है।
CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बयान में कहा कि नाकाबंदी शुरू होने के महज 36 घंटों के अंदर अमेरिकी सेना ने ईरान से आने-जाने वाले सभी समुद्री व्यापार को प्रभावी रूप से रोक दिया है। उन्होंने जोड़ा कि ईरान की अर्थव्यवस्था का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा समुद्री मार्ग से होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर निर्भर है और इसे पूरी तरह ठप कर दिया गया है। CENTCOM ने एक्स पर अलग बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी नौसेना के निर्देशित मिसाइल विध्वंसक नाकाबंदी को सख्ती से लागू कर रहे हैं। यह मिशन सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू है जो ईरानी बंदरगाहों या तटीय क्षेत्रों में प्रवेश या निकास करने की कोशिश करते हैं।
कमान ने बताया कि नाकाबंदी अभियान में 10000 से अधिक अमेरिकी सैनिक (नौसैनिक, मरीन और वायुसैनिक), एक दर्जन से अधिक युद्धपोत और दर्जनों विमान शामिल हैं। पहले 24 घंटों में किसी जहाज ने नाकाबंदी का उल्लंघन नहीं किया, जबकि छह व्यापारिक जहाजों ने अमेरिकी निर्देशों का पालन करते हुए मुड़कर ओमान की खाड़ी में स्थित ईरानी बंदरगाह की ओर वापस लौट गए। CENTCOM ने स्पष्ट किया कि नाकाबंदी केवल ईरानी बंदरगाहों तक सीमित है। गैर-ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों के लिए होर्मुज में नौवहन की स्वतंत्रता बरकरार रहेगी।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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