तनाव के बीच UAE का बड़ा कदम, इन देशों पर लगा दिया ट्रैवल बैन; नागरिकों को निकलने का आदेश

Ankit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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मध्य एशिया में जारी तनाव के बीच यूएई ने बड़ा कदम उठाया है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों को आदेश जारी किया है कि वे ईरान, लेबनान और इराक से वापस लौट आएं और इन देशों की यात्रा ना करें। 

तनाव के बीच UAE का बड़ा कदम, इन देशों पर लगा दिया ट्रैवल बैन; नागरिकों को निकलने का आदेश

मध्य एशिया में जारी तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान, लेबनान और इराक की यात्रा पर बैन लगा दिया है। यूएई का कहना है कि उसके नागरिक अब इन देशों की यात्रा नहीं कर सकते और जो लोग भी इन देशों में रह रहे हैं तत्काल वापस आ जाएं। सोशल मीडिया पर बयान जारी कर यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अपनी सुरक्षा के लिए लोग स्वदेश लौट आएं। इसके अलावा इन देशों में अपने नागरिकों के लिए यूएई ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।

बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच फिलहाल युद्धविराम है। वहीं इजरायल और लेबनान के बीच भी युद्धविराम चल रहा है। इस बीच यूएई को फिर से युद्ध की आशंका है। ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की वार्ता भी नहीं हो पाई है।

ईरानी सुप्रीम लीडर का कड़ा संदेश

ईरान और अमेरिका की बयानबाजी से तनाव बढ़ने की ही आशंका है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कहा कि ईरान अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगा और अमेरिकी दबाव की रणनीतियों के आगे नहीं झुकेगा। टेलीविज़न पर पढ़े गये इस संदेश में कहा है गया कि ईरान की वैज्ञानिक, तकनीकी और सैन्य क्षमताएं केवल रणनीतिक संसाधन नहीं बल्कि राष्ट्रीय पहचान और संप्रभुता की संपत्ति हैं।

संदेश में कहा गया, नैनो टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी से लेकर परमाणु और मिसाइल क्षमताओं तक, ईरान की सभी वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियां राष्ट्रीय संपत्ति हैं, और इन्हें उसी तरह सुरक्षित रखा जाएगा, जैसे देश अपनी भूमि, जल और वायुसीमा की रक्षा करता है।'

यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ईरान पर समुद्री और आर्थिक दबाव बढ़ाने की नीति पर कायम है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन लंबे समय से यह संकेत देता रहा है कि नौसैनिक नाकेबंदी और आर्थिक दबाव के जरिए तेहरान को उसके परमाणु कार्यक्रम और समृद्ध यूरेनियम भंडार पर समझौते के लिए मजबूर किया जा सकता है।

ईरान ने सार्वजनिक रूप से ऐसी किसी भी शर्त को अस्वीकार किया है। खामेनेई के संदेश में क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर भी स्पष्ट रुख अपनाया गया। इसमें कहा गया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति अस्थिरता का प्रमुख स्रोत है और क्षेत्रीय सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल क्षेत्रीय देशों के हाथ में होनी चाहिए। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि पर्शियन गल्फ और होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की समुद्री संप्रभुता को कमजोर करने या किसी प्रकार की नौसैनिक पाबंदी थोपने की कोशिश गंभीर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिणाम ला सकती है।

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Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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