Hindi Newsमिडिल ईस्ट न्यूज़400 KG uranium missing, 10 nuclear bombs can be made Iran increases American concern
400 KG यूरेनियम लापता, बन सकते हैं 10 परमाणु बम; ईरान ने बढ़ाई अमेरिका की चिंता

400 KG यूरेनियम लापता, बन सकते हैं 10 परमाणु बम; ईरान ने बढ़ाई अमेरिका की चिंता

संक्षेप:

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान तीन साल दूर था, लेकिन अमेरिकी खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने हाल ही में कहा कि ईरान कुछ हफ्तों में हथियार बना सकता है। यह बयान ट्रंप द्वारा उनके पूर्वानुमान को गलत कहने के बाद आया है।

Jun 25, 2025 09:15 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

इजरायल से जारी युद्ध के बीच अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर बम बरसाए और दावा किया कि उन्हें पूरी तरह से तबाह कर दिया। साथ ही यह भी कहा कि ईरान फिलहाल परमाणु परीक्षण कर पाने की स्थित में नहीं रहा। इस सबके बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि हाल ही में ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हवाई हमलों के बाद लगभग 400 किलोग्राम उच्च संवर्धित यूरेनियम लापता है। यह यूरेनियम 60 प्रतिशत तक संवर्धित था और इसे 10 परमाणु हथियार बनाने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

वेंस ने कहा कि ये यूरेनियम भंडार ईरान के प्रमुख परमाणु स्थलों में संग्रहित था, लेकिन अमेरिकी हमलों से पहले ही इसे दूसरी जगहों पर ले जाया गया। उन्होंने दावा किया कि फोर्दो परमाणु फैसिलिटी को इस मिशन में गंभीर क्षति पहुंची है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सटीक स्थिति की जानकारी नहीं है।

फोर्दो को निशाना बनाना मुख्य उद्देश्य

वेंस ने कहा, “इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य फोर्दो परमाणु फैसिलिटी को नष्ट करना था और हमें पूरा विश्वास है कि हमने इस लक्ष्य को काफी हद तक प्राप्त किया है।” साथ ही उन्होंने यह भी पुष्टि की कि आने वाले हफ्तों में ईरान के साथ लापता यूरेनियम को लेकर बातचीत की जाएगी।

इजरायल की खुफिया रिपोर्ट

इजरायली खुफिया एजेंसियों ने द न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि ईरान ने हमलों से पहले ही यूरेनियम और संबंधित उपकरणों को एक गुप्त स्थान पर पहुंचा दिया था। सैटेलाइट तस्वीरों में फोर्दो स्थल के बाहर 16 ट्रकों का काफिला देखा गया था। इन्हीं तस्वीरों के आधार पर इजरायल ने अमेरिका से कार्रवाई की मांग की थी।

इसके बाद अमेरिका ने B-2 स्पिरिट बॉम्बर्स द्वारा 'बंकर बस्टर' GBU-37 बमों के साथ "ऑपरेशन मिडनाइट हैमर" को अंजाम दिया, जिसमें फोर्दो, नतांज और इस्फहान स्थलों को निशाना बनाया गया। लेकिन बमबारी के बाद ट्रकों का कोई पता नहीं चला।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफाएल ग्रोसी ने कहा कि एजेंसी ने हमलों से एक सप्ताह पहले इन स्थलों का निरीक्षण किया था। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निरीक्षण तुरंत बहाल किया जाए। उन्होंने कहा, “यह कार्य अत्यंत आवश्यक है और इसमें देरी नहीं होनी चाहिए।”

क्या ईरान परमाणु हथियार बना रहा है?

ईरान बार-बार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है, जबकि इजरायल का कहना है कि ईरान हथियार बनाने के करीब पहुंच चुका है। अमेरिका में इस पर मतभेद रहे हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान तीन साल दूर था, लेकिन अमेरिकी खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने हाल ही में कहा कि ईरान कुछ हफ्तों में हथियार बना सकता है। यह बयान ट्रंप द्वारा उनके पूर्वानुमान को गलत कहने के बाद आया है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने ऑपरेशन को निर्णायक रूप से पूर् सफल बताया है। उन्होंने कहा, “ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।”

ईरान की प्रतिक्रिया

हमलों के बाद ईरान ने परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से बाहर निकलने की धमकी दी। उप विदेश मंत्री तख्त रवांची ने कहा, “कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या करना चाहिए।”

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।