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गाजा का मलबा हटाने में 10, तो जमीन उपजाऊ बनाने में लगेंगे 25 साल; UN की हैरान करने वाली रिपोर्ट

गाजा का मलबा हटाने में 10, तो जमीन उपजाऊ बनाने में लगेंगे 25 साल; UN की हैरान करने वाली रिपोर्ट

संक्षेप:

संयुक्त राष्ट्र की क्षति आकलन रिपोर्ट के अनुसार, गाजा में युद्ध के दो वर्षों के फलस्वरूप उत्पन्न हुए विशाल मलबे को हटाने में वास्तव में 10 वर्ष लगने का अनुमान है, जबकि फिलिस्तीनी क्षेत्र की भूमि की उर्वरता को बहाल करने में कम से कम 25 वर्ष लगेंगे।

Oct 07, 2025 08:09 pm ISTDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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गाजा में अगर आज युद्धविराम हो जाए तो मलबा हटाने में कितने वर्ष लगेंगे? कृषि योग्य भूमि को फिर से उर्वर बनाने में कितने वर्ष लगेंगे? ऐसे कई प्रश्न हैं, जिनका उत्तर हर कोई जानना चाहता है। संयुक्त राष्ट्र की क्षति आकलन रिपोर्ट के अनुसार, गाजा में युद्ध के दो वर्षों (जो 7 अक्टूबर 2023 को आरंभ हुआ था) के फलस्वरूप उत्पन्न हुए विशाल मलबे को हटाने में वास्तव में 10 वर्ष लगने का अनुमान है, जबकि फिलिस्तीनी क्षेत्र की भूमि की उर्वरता को बहाल करने में कम से कम 25 वर्ष लगेंगे। इस रिपोर्ट में कुल 51 मिलियन टन मलबे का उल्लेख है, जिसे साफ करने की लागत लगभग 1.2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी गई है।

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रिपोर्ट के अनुसार, गाजा की 80 प्रतिशत इमारतें नष्ट हो चुकी हैं, जिससे कुल नुकसान 4.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। इससे गाजा का शहरी परिदृश्य पूरी तरह से बदल गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 90 प्रतिशत स्कूल नष्ट हो चुके हैं, 94 प्रतिशत अस्पताल क्षतिग्रस्त हैं, और 90 प्रतिशत आबादी (लगभग 23 लाख लोग) बेघर होकर तंबुओं में रहने को विवश हैं। बुनियादी सेवाएं जैसे पानी, बिजली और भोजन दुर्लभ हो गई हैं, जबकि 80 प्रतिशत क्षेत्र को सैन्य क्षेत्र घोषित कर दिया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, कृषि भूमि पर भी गहरा प्रभाव पड़ा है। पहले 15000 हेक्टेयर उर्वर भूमि में से अब केवल 1.5 प्रतिशत ही खेती योग्य शेष है। मिट्टी में विस्फोटक रसायनों की मात्रा तीन गुना बढ़ गई है। बता दें कि गाजा की भूमि अपनी उपजाऊ मिट्टी और भूमध्यसागरीय धूप के लंबे घंटों के लिए प्रसिद्ध है। यहां संतरे, स्ट्रॉबेरी, टमाटर और खीरे सहित किसी भी फसल को उगाने के लिए आदर्श जलवायु उपलब्ध है।

युद्ध से पहले 2022 में गाजा के निर्यात का एक-तिहाई (32 प्रतिशत) स्ट्रॉबेरी, 28 प्रतिशत टमाटर और 15 प्रतिशत खीरे थे। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अन्य निर्यातों में बैंगन (9 प्रतिशत), मीठी मिर्च (6 प्रतिशत), तोरी (3 प्रतिशत), मिर्च (2.5 प्रतिशत), आलू (1 प्रतिशत) और शकरकंद (0.5 प्रतिशत) शामिल हैं।

इजरायली आंकड़ों के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 को हमास आतंकवादियों ने इजरायल पर एक बड़ा हमला किया, जिसमें लगभग 1200 लोग मारे गए और लगभग 250 बंधक बना लिए गए। इजरायली अधिकारियों का कहना है कि गाजा में शेष 48 बंधकों में से 20 जीवित हैं। वहीं, इजरायली कार्रवाई में अब तक 67000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap
देवेन्द्र कश्यप, लाइव हिंदुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर। पटना से पत्रकारिता की शुरुआत। महुआ न्यूज, जी न्यूज, ईनाडु इंडिया, राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे बड़े संस्थानों में काम किया। करीब 11 साल से डिजिटल मीडिया में कार्यरत। MCU भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई। पटना व‍िश्‍वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस से ग्रेजुएशन। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में नेशनल, इंटरनेशनल डेस्क पर सेवा दे रहे हैं। और पढ़ें

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