यूसुफ पठान के ससुर की दबंगई, शख्स को बेसबॉल बैट से पीटा; कीचड़ उछलने से भड़के

Amit Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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मुंबई के भायखला में कार से पानी उछलने पर विवाद! पूर्व क्रिकेटर और TMC सांसद यूसुफ पठान के ससुर और साले ने की बेसबॉल बैट से मारपीट, पुलिस ने 3 को किया गिरफ्तार। पढ़ें पूरी खबर।

यूसुफ पठान के ससुर की दबंगई, शख्स को बेसबॉल बैट से पीटा; कीचड़ उछलने से भड़के

भारत के पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद यूसुफ पठान के ससुर, साले और एक अन्य रिश्तेदार को मुंबई के भायखला इलाके में मारपीट के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

यह घटना शनिवार रात की है। स्थानीय निवासी यूसुफ खान रात करीब 9 बजे अपनी कार से घर लौट रहे थे। रास्ते में उनकी कार का पहिया पानी से भरे एक गड्ढे में गया, जिससे सड़क पर खड़े शोएब खान (जो यूसुफ पठान के रिश्तेदार हैं) पर पानी के छींटे पड़ गए।

पीड़ित यूसुफ खान का कहना है कि उन्होंने तुरंत कार रोकी और अपनी गलती के लिए माफी मांगी। लेकिन शोएब खान भड़क गए। दोनों के बीच बहस शुरू हो गई, जिसके बाद शोएब ने कथित तौर पर उन्हें गालियां दीं, एक बांस के डंडे से कार का शीशा (विंडशील्ड) तोड़ दिया और यूसुफ खान के साथ मारपीट की।

पुलिस स्टेशन जाते समय दोबारा हमला

मारपीट के बाद यूसुफ खान घर पहुंचे और अपने परिवार की सलाह पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया। जब वे और उनका परिवार पुलिस स्टेशन जा रहे थे, तभी रास्ते में उनका सामना यूसुफ पठान के ससुर खालिद खान उर्फ मकालीक, उनके बेटे (साले) उमरशाद खान, शोएब खान और एक अन्य आरोपी शहबाज पठान से हो गया। शिकायत के अनुसार, इन चारों ने मिलकर यूसुफ खान और उनके परिवार पर बांस के डंडों और बेसबॉल बैट से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में यूसुफ खान के साले सलमान के हाथ में फ्रैक्चर हो गया है और उनके चाचा जकी अहमद को गंभीर चोटें आई हैं।

पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है-

  • खालिद खान (यूसुफ पठान के ससुर)
  • उमरशाद खान (यूसुफ पठान के साले)
  • शोएब खान (रिश्तेदार)

चौथा आरोपी शहबाज पठान फिलहाल फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों पर मारपीट और गंभीर चोट पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है। उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस के पास क्या सबूत हैं?

पुलिस इस मामले को मजबूत बनाने के लिए इलाके के CCTV फुटेज, चश्मदीद गवाहों के बयानों और जब्त किए गए हथियारों (बांस के डंडे और बेसबॉल बैट) का सहारा ले रही है। पुलिस का कहना है कि फुटेज और गवाहों के जरिए आरोपियों की स्पष्ट पहचान हो चुकी है। सरकारी वकील ने आरोपियों की जमानत का विरोध किया है। उनका तर्क है कि फरार आरोपी को पकड़ने, इनका आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ रोकने के लिए इन्हें हिरासत में रखना जरूरी है। फिलहाल मामला अदालत में है और पुलिस फरार आरोपी की तलाश के साथ-साथ मामले की गहन जांच कर रही है।

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लेखक के बारे में

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डिजिटल पत्रकारिता की बदलती लहरों के बीच समाचारों की तह तक जाने की ललक अमित कुमार को इस क्षेत्र में खींच लाई। समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पैनी नजर रखने के साथ-साथ अमित को जटिल विषयों के गूढ़ विश्लेषण में गहरी रुचि है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले अमित को मीडिया जगत में एक दशक का अनुभव है। वे पिछले 4 वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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