फिर से एक होगा परिवार? NCP में टूट के बाद पहली बार साथ दिखे सुप्रिया सुले और अजीत पवार

Jan 10, 2026 11:29 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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आपको बता दें कि जुलाई 2023 में अजीत पवार द्वारा अपने चाचा शरद पवार से बगावत कर एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद यह पहला मौका है जब दोनों गुटों के शीर्ष नेता इस तरह एक साथ नजर आए हैं।

फिर से एक होगा परिवार? NCP में टूट के बाद पहली बार साथ दिखे सुप्रिया सुले और अजीत पवार

महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले दो सालों से जारी कड़वाहट और खींचतान के बीच शनिवार को एक बेहद चौंकाने वाली और महत्वपूर्ण तस्वीर सामने आई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में फूट के बाद पहली बार उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और उनकी चचेरी बहन सुप्रिया सुले ने एक साथ मंच साझा किया। अवसर था पुणे और पिंपरी-चिंचवड नगर निगम चुनावों के लिए 'साझा घोषणापत्र' जारी करने का।

आपको बता दें कि जुलाई 2023 में अजीत पवार द्वारा अपने चाचा शरद पवार से बगावत कर एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद यह पहला मौका है जब दोनों गुटों के शीर्ष नेता इस तरह एक साथ नजर आए हैं।

महाराष्ट्र की 29 स्थानीय निकायों में 15 जनवरी को मतदान होना है। हालांकि अजीत पवार की राकांपा सत्ताधारी 'महायुति' का हिस्सा है और सुप्रिया सुले की राकांपा (शरद चंद्र पवार) विपक्षी 'महाविकास अघाड़ी' (MVA) में शामिल है, लेकिन पुणे और पिंपरी-चिंचवड के स्थानीय समीकरणों के मद्देनजर दोनों गुटों ने मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

घोषणापत्र जारी करने के दौरान सुप्रिया सुले और राकांपा (एसपी) के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे, जो अब तक चुनाव प्रचार से काफी हद तक दूर नजर आ रहे थे।

क्या फिर से एक होगा पवार परिवार?

इस संयुक्त उपस्थिति के बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि क्या पवार परिवार और पार्टी फिर से एक होने वाली है। अजीत पवार ने भी इन अटकलों को हवा देते हुए कहा, "राजनीति में कोई भी स्थायी दुश्मन नहीं होता।" उन्होंने संकेत दिया कि निकाय चुनावों के बाद दोनों गुटों के स्थायी रूप से साथ आने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल कार्यकर्ता इस गठबंधन से बेहद खुश हैं, हालांकि गठबंधन और सीटों के बंटवारे की व्यस्तता के कारण अभी विस्तार से चर्चा का समय नहीं है।

घोषणापत्र की मुख्य बातें

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अजीत पवार ने पुणे के विकास के लिए कई लुभावने वादे किए। यातायात की भीड़ को कम करना, गड्ढा मुक्त सड़कें और बेहतर स्वच्छता व्यवस्था। छात्रों के लिए मुफ्त कंप्यूटर टैबलेट और हाई-टेक स्वास्थ्य सेवाएं। 500 वर्ग फुट तक के घरों के लिए संपत्ति कर माफ करने का वादा। PMPML बसों और पुणे मेट्रो में मुफ्त यात्रा की सुविधा। इनके अलावा, झुग्गी पुनर्वास, प्रदूषण नियंत्रण और हर घर तक नल से जल की आपूर्ति जैसे वादे किए गए हैं।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


काम के इतर, हिमांशु को सिनेमा का विशेष शौक है। वे विशेष रूप से सियासी और क्राइम बेस्ड वेब सीरीज़ देखना पसंद करते हैं, जो कहीं न कहीं समाज और सत्ता के समीकरणों को समझने की उनकी जिज्ञासा को भी प्रदर्शित करता है।

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