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Hindi News महाराष्ट्रअजित पवार के शिकार हो जाएंगे...शरद पवार ने की सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई की अपील

अजित पवार के शिकार हो जाएंगे...शरद पवार ने की सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई की अपील

शरद पवार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि उनकी याचिका पर जल्द सुनवाई की जाए नहीं तो वह अजित पवार की विप के शिकार हो जाएंगे। चुनाव आयोग ने अजित पवार गुट को पार्टी और निशान दे दिया था।

अजित पवार के शिकार हो जाएंगे...शरद पवार ने की सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई की अपील
Ankit Ojhaहिंदुस्तान टाइम्स,नई दिल्लीFri, 16 Feb 2024 01:43 PM
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के संस्थापक शरद पवार ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि उनकी याचिका पर अर्जेंट सुनवाई की जाए। उन्होंने चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी है जिसके तहत पार्टी का नाम और निशान अजित पवार के गुट को दे दिया गया है। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के सामने पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह मामला संगीन है। चुनाव आयोग के फैसले शरद पवार भी अजित पवार की विप के तहत आ जाएंगे। अगले सप्ताह महाराष्ट्र विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है और शरद पवार के पास ना तो कोई पार्टी है और ना ही निशान।

सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि इस अपील पर ध्यान दिया जाएगा और जल्द ही सुनवाई की तारीख निश्चित की जाएगी। बता दें कि चुनाव आयोगे के बाद विधानसभा स्पीकर राहुल नारवेकर ने भी अजित पवार के गुट को ही असली एनसीपी बतायाथा। वहीं उन्होंने विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग को खारिज कर दिया। नारवेकर ने कहा था कि पार्टी के संविधान, लीडरशिप स्ट्रक्चर और विधानसभा में बहुमत के आधार पर अजित पवार के गुट को असली एनसीपी बताया गया है। 

स्पीकर के फैसले के बाद शरद पवार को दूसरा बड़ा झटका लगा। 12 फरवरी को शरद पवार ने चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका फाइल की थी। चनाव आयोग ने पोल पैनल के फैसले के बाद कहा था कि शरद पवार अपनी पार्टी का नाम राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी- शरदचंद्र पवार रख सकते हैं। इसी पार्टी के नाम के साथ वह राज्यसभा के चुनाव में वोट कर सकते हैं। 

अजित पवार गुट ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका फाइल करते हुए कहा कि बिना उनका पक्ष सुने कोई आदेश ना सुनाया जाए। बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय पैनल ने कहा था कि  अजित पवार की अगुआई  वाला ग्रुप ही घड़ी के निशान का हकदार है। आयोग ने कहा था कि बहुमत परीक्षण के बाद यह फैसला किया गया है। 
 

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