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Hindi News महाराष्ट्रकहीं रूठ न जाएं उद्धव और पवार, कांग्रेस ने अपने नेताओं को चेताया- भड़काऊ बयानबाजी नहीं

कहीं रूठ न जाएं उद्धव और पवार, कांग्रेस ने अपने नेताओं को चेताया- भड़काऊ बयानबाजी नहीं

लोकसभा चुनाव में राज्य में विपक्षी गठबंधन के प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद एमवीए नेताओं की यह पहली बैठक थी। राज्य में तीन दलों के इस गठबंधन ने 48 लोकसभा सीट में से 30 सीट पर जीत हासिल की।

कहीं रूठ न जाएं उद्धव और पवार, कांग्रेस ने अपने नेताओं को चेताया- भड़काऊ बयानबाजी नहीं
why congress central leadership warns state leaders not to provoke uddhav pawar like mva partners
Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,मुंबईSat, 08 Jun 2024 12:24 AM
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कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने पार्टी नेताओं से आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए ‘गठबंधन’ धर्म का पालन करने को कहा है। इसके अलावा, राज्य के नेताओं को निर्देश दिया गया है कि वे भड़काऊ बयानों से महा विकास अघाड़ी गठबंधन को खराब न करें। यह निर्देश महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले के उस बयान के बाद दिया गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर उनकी पार्टी महाराष्ट्र में अधिक सीटों पर चुनाव लड़ती तो लोकसभा चुनावों में एमवीए की सीटें बड़ी हो सकती थीं।

इंडियन एक्सप्रेस ने कांग्रेस के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि पार्टी की शीर्ष लीडरशिप ने राज्य नेतृत्व को ऐसे भड़काऊ बयान न देने को कहा है, जिससे गठबंधन के समीकरण को नुकसान हो सकता है। केंद्रीय नेतृत्व के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "महाराष्ट्र कांग्रेस को यह बता दिया गया है कि महाराष्ट्र में सीट बंटवारे पर बातचीत शुरू होने तक विधानसभा चुनाव के दौरान किसी पार्टी द्वारा लड़ी जाने वाली सीटों की संख्या पर कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। हमारे सामने एक बड़ी लड़ाई है और हम चाहते हैं कि एमवीए एकजुट रहे।"

इससे पहले लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में महा विकास अघाडी (एमवीए) गठबंधन के प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) के प्रमुख शरद पवार और शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (शिवसेना-यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से शुक्रवार को यहां अलग-अलग मुलाकात की। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की महाराष्ट्र इकाई के प्रभारी रमेश चेन्निथला, पार्टी महासचिव मुकुल वासनिक और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वड्डेटीवार ने एमवीए के दो प्रमुख नेताओं से उनके आवासों पर मुलाकात की।

लोकसभा चुनाव में राज्य में विपक्षी गठबंधन के प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद एमवीए नेताओं की यह पहली बैठक थी। राज्य में तीन दलों के इस गठबंधन ने 48 लोकसभा सीट में से 30 सीट पर जीत हासिल की, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति को सिर्फ 17 सीट पर ही जीत मिली। चेन्निथला ने शुक्रवार को इससे पहले राज्य से नवनिर्वाचित कांग्रेस सांसदों को दक्षिण मुंबई में पार्टी की प्रदेश इकाई के मुख्यालय में संबोधित किया। एमवीए को तब और बल मिला जब पश्चिमी महाराष्ट्र में सांगली सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल करने वाले कांग्रेस के बागी नेता विशाल पाटिल ने राष्ट्रीय पार्टी को समर्थन दिया।

महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने मुंबई उत्तर पश्चिम सीट का जिक्र करते हुए कहा, "यह महाराष्ट्र के लोगों की जीत है। मैं सभी सांसदों से कहना चाहता हूं कि वे आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए काम करें। हमें कम सीटें दिए जाने के बावजूद हमने अधिक सीटें जीती हैं। अगर हमें छह से सात सीटें और दी जातीं, जिसकी हमने मांग की थी, तो इससे एमवीए को मदद मिलती और मोदी को और परेशानी होती।" उन्होंने मुंबई उत्तर पश्चिम सीट का जिक्र किया, जहां शिवसेना-यूबीटी के अमोल कीर्तिकर शिवसेना उम्मीदवार रवींद्र वायकर से हार गए। पटोले की टिप्पणियों के बावजूद, चेन्निथला ने कहा, "महाराष्ट्र कांग्रेस की ताकत है, जिस पर एमवीए को मजबूत करने की जिम्मेदारी है। सेना और एनसीपी ने भी कड़ी मेहनत की और हमें जीतने में मदद की। यह पार्टियों का गठबंधन है और गठबंधन समय की जरूरत है। गठबंधन में कोई बड़ा और छोटा भाई नहीं होता। गठबंधन चलाना आसान नहीं है, लेकिन हमें सभी को साथ लेकर चलना होगा।"