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Hindi News महाराष्ट्रलोकसभा के रिजल्ट से पहले ही महाराष्ट्र में NDA के बीच खींचतान, अजित पवार ने मांगीं 80-90 सीटें

लोकसभा के रिजल्ट से पहले ही महाराष्ट्र में NDA के बीच खींचतान, अजित पवार ने मांगीं 80-90 सीटें

एनसीपी लीडर छगन भुजबल ने कहा था कि अजित पवार गुट ने भाजपा और शिवसेना के साथ इसी शर्त पर गठबंधन बनाया था कि हम राज्य के चुनाव में 80 से 90 सीटों पर लड़ेंगे। इस पर भाजपा ने अब जवाब दिया है।

लोकसभा के रिजल्ट से पहले ही महाराष्ट्र में NDA के बीच खींचतान, अजित पवार ने मांगीं 80-90 सीटें
Surya Prakashलाइव हिन्दुस्तान,मुंबईTue, 28 May 2024 12:51 PM
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लोकसभा चुनाव 2024 के आखिरी चरण का मतदान अभी होना बाकी है। इस बीच महाराष्ट्र में एनडीए के बीच विधानसभा चुनाव को लेकर अंतर्कलह तेज हो गई है। अजित पवार की लीडरशिप वाली एनसीपी ने विधानसभा चुनाव में 80 से 90 सीटों को लेकर दावा ठोक दिया है। एनसीपी लीडर छगन भुजबल ने कहा था कि अजित पवार गुट ने भाजपा और शिवसेना के साथ इसी शर्त पर गठबंधन बनाया था कि हम राज्य के चुनाव में 80 से 90 सीटों पर लड़ेंगे। इसके आगे उन्होंने कहा था कि हमें लोकसभा चुनाव में बहुत कम सीटें दी गईं।

अब इस पर देवेंद्र फडणवीस का जवाब आया है। डिप्टी सीएम और राज्य में भाजपा के शीर्ष नेता ने कहा कि भाजपा सबसे बड़ा दल है। उन्होंने कहा कि राज्य में हमारी पार्टी सबसे बड़ी और सीटें भी हमें ज्यादा मिलनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर तीनों दलों के नेताओं की मीटिंग पर ही फैसला होगा। राज्य में इसी साल अक्टूबर में विधानसभा के चुनाव होने हैं। लोकसभा चुनाव में अजित पवार खेमे को 4 ही सीटें मिली थीं। ये सीटें हैं- बारामती, शिरूर, रायगड़ और धाराशिव। वहीं भाजपा ने राज्य में सबसे ज्यादा 29 सीटों पर चुनाव लड़ा है। 

एकनाथ शिंदे की लीडरशिप वाली शिवसेना के खाते में 15 सीटें आई थीं। छगन भुजबल ने लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि हमें भाजपा को बताना होगा कि ज्यादा सीटें चाहिए ताकि कम से कम 50 से 60 सीटों पर जीत हासिल कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि हमें सीट ही 50 मिलीं तो फिर कितनी जीतेंगे। बता दें कि भाजपा ने 2019 के आम चुनाव में 105 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं अविभाजित एनसीपी ने विपक्षी खेमे से चुनाव लड़ा था और कुल 54 पर जीत हासिल की थी। 

बता दें कि अजित पवार भी लोकसभा चुनाव से ज्यादा असेंबली पर फोकस कर रहे हैं। उन्होंने पिछले दिनों कार्यकर्ताओं से कहा था कि चुनाव को लेकर ना ज्यादा खुश हों और हार हो तो दुखी भी न हों। उनका कहना था कि हमें आगे आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाना चाहिए। उससे पहले संगठन को मजबूत कर लें। अजित पवार ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी नेताओं और विधायकों की एक मीटिंग भी बुलाई है।