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Hindi News महाराष्ट्रआसमान नहीं गिर पड़ेगा... इंद्राणी मुखर्जी पर डॉक्युमेंट्री 29 फरवरी तक नहीं होगी रिलीज, नेटफ्लिक्स ने कोर्ट को बताया

आसमान नहीं गिर पड़ेगा... इंद्राणी मुखर्जी पर डॉक्युमेंट्री 29 फरवरी तक नहीं होगी रिलीज, नेटफ्लिक्स ने कोर्ट को बताया

पीठ ने कहा कि मामले में सुनवाई अभी चल रही है और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उच्च न्यायालय कहा, ''अगर रिलीज को एक सप्ताह के लिए टाला जाता है...तो आसमान नहीं गिर पड़ेगा।''

आसमान नहीं गिर पड़ेगा... इंद्राणी मुखर्जी पर डॉक्युमेंट्री 29 फरवरी तक नहीं होगी रिलीज, नेटफ्लिक्स ने कोर्ट को बताया
Madan Tiwariलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 22 Feb 2024 04:14 PM
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नेटफ्लिक्स ने गुरुवार को बॉम्बे हाई कोर्ट को बताया कि वह, अपनी बेटी शीना बोरा की कथित हत्या के लिए मुकदमे का सामना कर रही इंद्राणी मुखर्जी की डॉक्युमेंट्री सीरीज 29 फरवरी तक रिलीज नहीं करेगा। न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने श्रृंखला के निर्माताओं को इस मामले की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के लिए श्रृंखला की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित करने का निर्देश दिया है। 'द इंद्राणी मुखर्जी स्टोरी : द बरीड ट्रुथ' नामक वृत्तचित्र-श्रृंखला 25 वर्षीय शीना बोरा की गुमशुदगी के बारे में है और इसे 23 फरवरी (शुक्रवार) को ओटीटी मंच नेटफ्लिक्स पर रिलीज किया जाना था।

सीबीआई ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक इसकी रिलीज पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। पीठ ने बृहस्पतिवार को श्रृंखला के निर्माताओं से पूछा था कि क्या वह सीबीआई के लिए इसकी विशेष स्क्रीनिंग आयोजित कराने के इच्छुक हैं। अदालत ने पूछा, ''सीबीआई को श्रृंखला देखने की अनुमति क्यों न दी जाए। वृत्तचित्र-श्रृंखला दिखाने में क्या दिक्कत है?'' उसने कहा कि अगर किसी मामले में एक आरोपी के पास अधिकार होते हैं तो अभियोजन तथा पीड़ित के पास भी अधिकार होते हैं। नेटफ्लिक्स की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रवि कदम ने शुरुआत में इसका विरोध किया और कहा कि यह पूर्व-सेंसरशिप के समान होगा। उन्होंने कहा कि सीबीआई को सीरीज के खिलाफ पहले ही अदालत में जाना चाहिए था और आखिरी वक्त तक इंतजार नहीं करना चाहिए था।

बहरहाल, पीठ ने कहा कि मामले में सुनवाई अभी चल रही है और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उच्च न्यायालय कहा, ''अगर रिलीज को एक सप्ताह के लिए टाला जाता है...तो आसमान नहीं गिर पड़ेगा।'' कदम ने कहा कि अगर अदालत चाहे तो वह भी वृत्तचित्र-श्रृंखला देख सकती है। बहरहाल, अदालत ने सीबीआई के अधिवक्ता श्रीराम शिरसाट को भी विशेष स्क्रीनिंग के दौरान श्रृंखला देखने के लिए कहा। इसके बाद कदम ने पीठ को बताया कि मामले पर 29 फरवरी को अगली सुनवाई तक यह वृत्तचित्र-श्रृंखला रिलीज नहीं की जाएगी। कदम ने अदालत को यह भी बताया कि श्रृंखला में इंद्राणी के बेटे मिखाइल (शीना का भाई) और पीटर मुखर्जी से इंद्राणी की बेटी विधि मुखर्जी समेत पांच गवाहों का साक्षात्कार लिया गया है। कदम ने बताया कि इनमें से तीन गवाहों के बयान अभी तक निचली अदालत में दर्ज नहीं किए गए हैं। 

एक विशेष अदालत ने वृत्तचित्र-श्रृंखला के खिलाफ सीबीआई की याचिका मंगलवार को खारिज कर दी थी जिसके बाद जांच एजेंसी ने उच्च न्यायालय का रुख किया। ऐसा आरोप है कि इंद्राणी, उसके पूर्व ड्राइवर श्यामवर राय और पूर्व पति संजीव खन्ना ने अप्रैल 2012 में शीना बोरा की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। उसकी लाश को पड़ोसी रायगड जिले के एक जंगल में जला दिया गया था। यह मामला 2015 में सामने आया जब एक अन्य मामले में गिरफ्तार राय ने इस हत्याकांड का खुलासा किया था। इंद्राणी को अगस्त 2015 में गिरफ्तार किया गया था और मई 2022 में जमानत दी गयी। मामले में अन्य आरोपी राय, खन्ना और पीटर मुखर्जी भी जमानत पर बाहर हैं। 

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