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हिंदी न्यूज़ महाराष्ट्रश्रद्धा वॉकर की 2020 की शिकायत पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई? महाराष्ट्र पुलिस ने दिया यह जवाब

श्रद्धा वॉकर की 2020 की शिकायत पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई? महाराष्ट्र पुलिस ने दिया यह जवाब

श्रद्धा वॉकर ने साल 2020 में महाराष्ट्र पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस के लिखे शिकायत पत्र में श्रद्धा ने आफताब पर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था।

श्रद्धा वॉकर की 2020 की शिकायत पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई? महाराष्ट्र पुलिस ने दिया यह जवाब
Ashutosh Rayएएनआई,पालघरWed, 23 Nov 2022 06:51 PM

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श्रद्धा वॉकर की ओर से साल 2020 में दर्ज कराई गई शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इस पर महाराष्ट्र पुलिस की प्रतिक्रिया सामने आई है। महाराष्ट्र की पालघर पुलिस ने कहा है कि साल 2020 में जब श्रद्धा वॉकर ने शिकायत दर्ज कराई थी तो मामले की जांच शुरू की गई थी, लेकिन शिकायत वापस लेने के लिए लिखित बयान देने के बाद केस को बंद कर दिया गया था।

शिकायत के बाद कार्रवाई को लेकर मामला तुल पकड़ते देख मीरा भायंदर-वसई विरार कमिश्नरेट के डीसीपी सुहास बावाचे ने कहा है कि श्रद्धा ने शिकायत दर्ज कराने के बाद अपने लिखित बयान में कहा था कि उनके और आफताब पूनावाला के बीच विवाद सुलझा लिया गया है। उस समय मामले में जो भी आवश्यक कार्रवाई करनी थी, पुलिस ने उस समय की थी। शिकायतकर्ता की ओर से दिए गए आवेदन की भी जांच की गई थी। जांच के बीच में शिकायतकर्ता ने खुद लिखित बयान दिया था कि दोनों के बीच कोई विवाद नहीं है। उसके दोस्त के माता-पिता ने भी विवाद को सुलझाने के लिए उससे बातचीत की थी। लिखित बयान देने के बाद मामले को बंद कर दिया गया।

तुलिंज पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी शिकायत

आफताब अमीन पूनावाला पर अपनी कथित लिव-इन-पार्टनर श्रद्धा की गला दबाकर हत्या करने और उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े करने और उसको फेंकने का आरोप है। महाराष्ट्र पुलिस ने बताया कि साल 2020 में श्रद्धा ने पालघर के तुलिंज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में श्रद्धा ने कहा था कि आफताब पूनावाला ने उसे पीटा है और जान से मारने की धमकी दी है।

श्रद्धा की शिकायत पर क्या बोली पुलिस?

महाराष्ट्र पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि श्रद्धा ने 23 नवंबर 2020 को तुलिंज पुलिस थाने को शिकायत पत्र लिखा था। शिकायत पत्र के श्रद्धा ने कहा था कि उसमें, पुलिस के पास जाने की हिम्मत नहीं है क्योंकि आफताब ने उसे जान से मारने की धमकी दी है। श्रद्धा ने यह भी लिखा था कि जिस दिन वह पुलिस को चिट्ठी लिख रही थी उस दिन भी आफताब ने उसे मारने की कोशिश की और उसके टुकड़े-टुकड़े करके फेंक देने की धमकी भी दी थी। श्रद्धा ने पुलिस को लिखी चिट्ठी में में बताया था कि आफताब करीब छह महीने से उसे मार रहा है। चिट्ठी में आगे दावा किया गया था कि आफताब के माता-पिता को भी मारपीट और जान से मारने की धमकी की जानकारी थी। 

डिप्टी फडणवीस की भी आई थी प्रतिक्रिया

बता दें कि इस मामले पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस की भी प्रतिक्रिया सामने आई थी।  फडणवीस ने शिकायत को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि उस समय जांच क्यों नहीं हुई थी, इसकी जांच होगी। श्रद्धा की चिट्ठी पर उसी समय कार्रवाई होनी चाहिए थी। यदि शिकायत पर कार्रवाई की गई होती तो श्रद्धा वॉकर की मौत नहीं होती।