फोटो गैलरी

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News महाराष्ट्रCM शिंदे के करीबी शिवसेना MP को जान से मारने की धमकी, गुमनाम खत से मचा हड़कंप; टेंशन में पुलिस

CM शिंदे के करीबी शिवसेना MP को जान से मारने की धमकी, गुमनाम खत से मचा हड़कंप; टेंशन में पुलिस

Shiv Sena MP Threat: सांसद चुने जाने से पहले भुमरे महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार में रोजगार गारंटी और बागवानी मंत्री रह चुके हैं। वह 1995, 1999, 2004, 2014 और 2019 में विधानसभा के लिए चुने गए थे।

CM शिंदे के करीबी शिवसेना MP को जान से मारने की धमकी, गुमनाम खत से मचा हड़कंप; टेंशन में पुलिस
Pramod Kumarएजेंसी,औरंगाबादWed, 12 Jun 2024 11:07 PM
ऐप पर पढ़ें

Shiv Sena MP Sandeepan Rao Bhumare Life Threat: महाराष्ट्र के औरंगाबाद संसदीय सीट से शिवसेना के नवनिर्वाचित सांसद सांदीपन राव भुमरे को जान से मारने की धमकी वाला एक गुमनाम खत पुलिस को प्राप्त हुआ है। इस गुमनाम खत मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी और कहा कि मामले की छानबीन तेजी से की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह पत्र कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के कार्यालय को मिला था। भुमरे हाल ही में संपन्न आम चुनाव में औरंगाबाद निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सदस्य चुने गए हैं।

पत्र लिखने वाले ने दावा किया है कि भुमरे के करीबी लोग आमलोगों के साथ अन्याय कर रहे हैं और इसमें विशेष रूप से बिडकिन पुलिस थाने के अधिकारियों का उल्लेख किया गया है। पत्र में धमकी दी गई है कि अगर सांसद ने जिले में ‘अन्याय कर रहे लोगों को बचाने’ की कोशिश की तो भुमरे के काफिले पर हमला किया जाएगा।

औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक मनीष कलवानिया ने कहा कि पत्र संबंधित पुलिस थाने को भेज दिया गया है और जांच जारी है। इस बीच भुमरे ने संवाददाताओं से कहा कि कोई भी गुमनाम रूप से धमकी दे सकता है और पत्र लिखने वाले को अपनी पहचान उजागर करनी चाहिए। शिवसेना नेता ने कहा, ‘‘मैं धमकियों से नहीं डरता।’’

सांसद चुने जाने से पहले भुमरे महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार में रोजगार गारंटी और बागवानी मंत्री रह चुके हैं। वह  1995, 1999, 2004, 2014 और 2019 में पांच बार विधानसभा के लिए चुने गए हैं। साल 2022 में एकनाथ शिंदे की अगुवाई में बनी सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। इससे पहले वह उद्धव ठाकरे की MVA सरकार में भी इसी मंत्रालय के मंत्री रह चुके हैं। उन्हें औरंगाबाद जिले का संरक्षक मंत्री भी चुना गया था।