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Hindi News महाराष्ट्रशरद पवार ने मेरी जगह अजित को बढ़ाया, वरना 36 साल पहले टूट जाती NCP; जंग में उतरे एक और भतीजे

शरद पवार ने मेरी जगह अजित को बढ़ाया, वरना 36 साल पहले टूट जाती NCP; जंग में उतरे एक और भतीजे

शरद पवार की फैमिली में छिड़ी रार में एक और भतीजे राजेंद्र पवार कूद गए हैं। उन्होंने 36 साल पुराने वाकये का जिक्र करते हुए कहा है कि यदि मैं उस दौरान पीछे न हटता तो पार्टी तभी टूट जाती।

शरद पवार ने मेरी जगह अजित को बढ़ाया, वरना 36 साल पहले टूट जाती NCP; जंग में उतरे एक और भतीजे
Surya Prakashलाइव हिन्दुस्तान,मुंबईThu, 29 Feb 2024 02:03 PM
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महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने अपनी पत्नी सुनेत्र को बारामती से चुनाव लड़ाने का फैसला लिया है। यह सीट शरद पवार फैमिली का गढ़ मानी जाती रही है और यहां से उनकी बेटी सुप्रिया सुले सांसद हैं। इस तरह यहां 2024 के लोकशभा चुनाव में ननद-भाभी के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा। इस ऐलान के बाद से परिवार में तलवारें खिंच गई हैं और अब तक कई लोग शरद पवार का समर्थन कर चुके हैं। अब शरद पवार एक और भतीजे राजेंद्र पवार ने भी शरद पवार का ही पक्ष लिया है। यही नहीं उन्होंने 36 साल पुराना अपने से जुड़ा एक वाकया बताते हुए कहा कि पार्टी तो तभी टूट जाती, लेकिन मेरे संतोष करने से बच गई थी।  

राजेंद्र पवार के बेटे रोहित पवार भी राजनीति में सक्रिय हैं और विधायक हैं। रोहित परिवार को शरद पवार का सबसे करीबी माना जाता है और उनकी भी अजित से अदावत है। राजेंद्र पवार ने बुधवार को कहा कि यह पार्टी तो 1987 में ही टूट जाती, जब मेरी जगह पर शरद पवार ने अजित को तवज्जो दी थी। उन्होंने कहा कि मैं छत्रपति शिवाजी कॉपरेटिव शुगर फैक्टरी के डायरेक्टर का चुनाव लड़ने वाला था। लेकिन शरद पवार ने मुझसे कहा कि अजित पवार को लड़ने दो। तब यदि मुझे ही डायरेक्टर बनने दिया होता तो पार्टी उसी दौरान टूट जाती। लेकिन शरद पवार अनुभवी हैं और उन्होंने मुझे पीछे हटा दिया। 

राजेंद्र पवार के पिता अप्पासाहेब पवार थे और अजित पवार के पिता अनंतराव पवार थे। दोनों ही शरद पवार के सगे भाई हैं। राजेंद्र पवार का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब बारामती में एक चिट्ठी इन दिनों खूब शेयर हो रही है। इसमें बताया जा रहा है कि कैसे शरद पवार ने अजित पवार को प्रमोट किया था, लेकिन उन्होंने उनको ही धोखा दे दिया। अजित पवार को लेकर वायरल हो रहे लेटर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कोई कॉमेंट नहीं किया। साफ है कि अजित पवार के ऐलान ने पवार फैमिली में भी बिखराव पैदा कर दिया है। 

अजित पवार के सगे भतीजे युगेंद्र भी खिलाफ, बोले- मैं अकेला रह गया

शरद पवार के साथ उनकी बेटी सुप्रिया सुले के अलावा रोहित पवार भी हैं, जो उभरते हुए नेता माने जाते हैं। इसके अलावा अजित पवार के भी वह तीखे विरोधी हैं। यही नहीं अब तो अजित पवार के बड़े भाई श्रीनिवास के बेटे युगेंद्र पवार भी शरद पवार के साथ ही आ गए हैं। वह हाल ही में शरद पवार की पार्टी में भी शामिल हो चुके हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा था, 'मैं दादा शरद पवार की बहुत इज्जत करता हूं। उन्होंने हमारे लिए बहुत कुछ किया। मैं उनके आदेश का पालन करूंगा।' बता दें कि खुद अजित पवार भी कह चुके हैं कि मुझे परिवार में अकेला कर दिया गया है।     

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