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हिंदी न्यूज़ महाराष्ट्रघर के दरवाजे खुले हैं... संजय राउत का एकनाथ शिंदे को फिर लुभावना ऑफर; कहा- गुलामी से बचें

घर के दरवाजे खुले हैं... संजय राउत का एकनाथ शिंदे को फिर लुभावना ऑफर; कहा- गुलामी से बचें

शिवसेना के सीनियर नेता संजय राउत ने एक बार फिर से एकनाथ शिंदे कैंप के बागियों को लुभावना संदेश दिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि आप लोग स्वाभिमान से फैसला लें, किसी भी तरह की गुलामी से बचें।

घर के दरवाजे खुले हैं... संजय राउत का एकनाथ शिंदे को फिर लुभावना ऑफर; कहा- गुलामी से बचें
Surya Prakashलाइव हिन्दुस्तान,मुंबईThu, 23 Jun 2022 06:18 PM

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शिवसेना के सीनियर नेता संजय राउत ने एक बार फिर से बागियों को लुभावना संदेश दिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि आप लोग स्वाभिमान से फैसला लें, किसी भी तरह की गुलामी से बचें। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि चर्चा से हम किसी भी संकट से बाहर निकल सकते हैं। घर के दरवाजे खुले हैं, जंगल में क्यों भटकते हो। आइए गुलामी के बजाय स्वाभिमान से फैसला करें। संजय राउत की ट्विटर पर इस अपील को बागी गुटों को लुभाने के एक नए पैंतरे के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल बागी विधायकों की संख्या इतनी अधिक बताई जा रही है कि वे खुद को अलग गुट मानते हुए शिवसेना पर ही दावा ठोक सकते हैं और ऐसी स्थिति उद्धव सरकार के लिए ही नहीं बल्कि पार्टी के लिए भी मुश्किल भरी होगी। 

इससे पहले संजय राउत ने आज दोपहर को ही मीडिया से बात करते हुए बागियों को संदेश देते हुए कहा कि वे गुवाहाटी छोड़कर मुंबई आएं और बात करें। यही नहीं उन्होंने तो यहां तक कहा कि यदि बागी विधायक चाहते हैं कि हम महा विकास अघाड़ी का साथ छोड़ दें तो ऐसा भी कर सकते हैं। उनके इस रुख से साफ है कि शिवसेना एकनाथ शिंदे के सामने बुरी तरह से दबाव में है और किसी भी हाल में सरकार और दल को बचाने की कवायद चल रही है। इससे पहले खुद उद्धव ठाकरे ने फेसबुक लाइव पर जनता को संबोधित किया था। 

इस दौरान खुद उद्धव ठाकरे ने इमोशनल कार्ड चलते हुए कहा कि यदि कुछ शिवसैनिक ही नहीं चाहते हैं कि मैं सीएम नहीं रहूं तो फिर मैं क्या कर सकता हूं। लेकिन इसके लिए विरोध करने वाले विधायकों को मेरे सामने आना होगा। उनका कहना था कि यदि कोई शिवसैनिक मेरे सामने आकर कहता है कि मैं सीएम न रहूं या पार्टी प्रमुख न रहूं तो मैं उसके लिए भी तैयार हूं। यही नहीं उन्होंने तो कल रात की सीएम आवास खाली कर दिया और अपने पैतृक घर मातोश्री में चले गए। हालांकि एकनाथ शिंदे गुट इसके बाद भी नरम पड़ता नहीं दिख रहा है। आज सुबह एकनाथ शिंदे गुट की ओर से एक वीडियो जारी कर शक्ति प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा एक खुला पत्र जारी कर उद्धव ठाकरे की इमोशनल अपील पर भी सवाल उठाया गया है।

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