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पवार परिवार में अब ननद vs भाभी में आर-पार, बहन सुप्रिया के खिलाफ पत्नी को उतारने जा रहे अजित पवार

Maharashtra Politics Pawar Family: अजित पवार ने बिना किसी का नाम लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से एक भावुक अपील की कि अगली बार ऐसे उम्मीदवार को चुनें जो पहली बार चुनावी मैदान में उतरा हो ।

पवार परिवार में अब ननद vs भाभी में आर-पार, बहन सुप्रिया के खिलाफ पत्नी को उतारने जा रहे अजित पवार
Pramod Kumarअभय खरमार, योगेश जोशी,मुंबईSat, 17 Feb 2024 07:27 AM
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Maharashtra Politics Pawar Family:  महाराष्ट्र के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार में सियासी लड़ाई अब चाचा-भतीजे से आगे बढ़कर भाई-बहन और ननद-भाभी के बीच तक पहुंच गई है। माना जा रहा है कि पवार परिवार का गढ़ रहे बारामती लोकसभा सीट पर अब अजित पवार छोटी बहन सुप्रिया सुले के खिलाफ अपनी पत्नी सुनेत्रा को उतार सकते हैं। इस लिहाज से 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामती सीट पर मुकाबला रोचक होने जा रहा है।

दरअसल, शुक्रवार को राज्य के उप मुख्यमंत्री और एनसीपी के अध्यक्ष अजित पवार ने बिना किसी का नाम लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से एक भावुक अपील की कि अगली बार ऐसे उम्मीदवार को चुनें जो पहली बार चुनावी मैदान में उतरा हो लेकिन अनुभवा लोगों से घिरा रहा है। इसके बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि बारामती से उकी पत्नी सुनेत्रा पवार बहन सुप्रिया के खिलाफ उतर सकती हैं। बता दें कि अजित पवार बारामती से ही विधानसभा के सदस्य हैं।

सुनेत्रा पवार की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि जब अजीत पवार ने ये भावुक अपील की, उसी समय स्थानीय एनसीपी यूनिट ने एक ऐसा रथ लॉन्च किया है, जिस पर सुनेत्रा पवार के किए सामाजिक कार्यों के विवरण है। ये रथ पूरे लोकसभा क्षेत्र में घूमेगा। फिलहाल सुप्रिया सुले ही बारामती से सांसद हैं। उनसे पहले उनके पिता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के संस्थापक शरद पवार 1996 से 2004 तक लगातार सांसद रहे हैं। 2009 से सुप्रिया सुले यहां से सांसद हैं।

महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर द्वारा अजित गुट को असली एनसीपी बताए जाने के एक दिन बाद, अजित पवार ने बारामती में पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वह ऐसे उम्मीदवार को मैदान में उतारेंगे जिसने पहले कभी चुनाव नहीं लड़ा हो, लेकिन उस व्यक्ति को पर्याप्त अनुभवी लोगों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि लोगों को उस उम्मीदवार को इस तरह से वोट देना चाहिए जैसे लगे कि वह खुद चुनावी मैदान में हों।

अजित पवार इतने पर भी नहीं रुके। उन्होंने कहा, “पार्टी कार्यकर्ता के रूप में आपको मतदाताओं को बिना झिझक बताना चाहिए कि पिछले तीन-चार बार से आप जिसे चुन रहे हैं, उसकी तुलना में यहां से चुना जाने वाला नया और अधिक विकास कार्य करेगा। मतदाताओं को बताएं कि यह अजित पवार की ओर से उनसे किया गया वादा है कि भले ही हमारा उम्मीदवार पहली बार चुनाव लड़ रहा हो लेकिन वह ऐसे लोगों से घिरे हुए हैं जिनके पास चुनाव जीतने का लंबा और पर्याप्त अनुभव रहा है।" 

बता दें कि 60 वर्षीय सुनेत्रा पवार भले ही अब तक सक्रिय राजनीति से दूर रही हैं, लेकिन शादी से पहले से भी उनका नाता एक बड़े राजनीतिक परिवार से रहा है। उनके भाई पदमसिंह पाटिल पूर्व मंत्री हैं जबकि उनके भतीजे राणा जगजीतसिंह पदमसिंह पाटिल उस्मानाबाद से भाजपा के विधायक हैं। पवार दंपत्ति के बड़े बेटे पार्थ ने मावल से 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था लेकिन असफल रहे थे।

पिछले एक साल में पवार परिवार में सियासी दुश्मनी की खाई बहुत चौड़ी हो चुकी है। अब उनके बीच निजी रिश्ते भी खत्म होते दिख रहे हैं। 2024 की जंग में पवार परिवार की विरासत की लड़ाई भी अब मोर्चे पर आ गई है। शुक्रवार को ही अजित पवार ने चाचा का नाम लिए बिना कहा कि अगर वह सीनियर नेता (शरद पवार) के बेटे होते तो बड़ी आसानी और सहजता से मूल एनसीपी के नेता होते।

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