फोटो गैलरी

Hindi News महाराष्ट्रदिल्ली न बनें, मुंबईवासी बने रहें; कोर्ट ने मुंबई में पटाखा जलाने का समय घटाया

दिल्ली न बनें, मुंबईवासी बने रहें; कोर्ट ने मुंबई में पटाखा जलाने का समय घटाया

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 6 नवंबर को महाराष्ट्र में सभी नगर निगम प्राधिकरणों की सीमा के अंदर शाम 7 बजे से 10 बजे के बीच तीन घंटे के लिए पटाखे जलाने की अनुमति दी थी।

दिल्ली न बनें, मुंबईवासी बने रहें; कोर्ट ने मुंबई में पटाखा जलाने का समय घटाया
Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,मुंबईFri, 10 Nov 2023 10:22 PM
ऐप पर पढ़ें

बॉम्बे हाई कोर्ट ने देश की आर्थिक राजधानी यानी मुंबई में दिवाली के दौरान पटाखे जलाने के समय को घटा दिया है। दिल्ली के भीषण वायु प्रदूषण की ओर इशारा करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने केवल दो घंटे ही पटाखे जलाने की इजाजत दी है। बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय ने टिप्पणी करते हुए कहा, "आइए दिल्ली न बनें। हम मुंबईवासी बने रहें।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शहर में वायु प्रदूषण कुछ क्षेत्रों में गंभीर बना हुआ है। हाईकोर्ट की इस पीठ में न्यायमूर्ति आरिफ डॉक्टर भी शामिल थे। उन्होंने दिवाली के दौरान पटाखे फोड़ने की समय सीमा में संशोधन किया है। पहले केवल तीन घंटे पटाखे जलाने की इजाजत थी जिसे अब दो घंटे कर दिया है। उभरती और गंभीर प्रदूषण की स्थिति को संबोधित करते हुए, पीठ ने पूर्व प्रयासों को स्वीकार किया लेकिन अधिक प्रभावी उपायों की आवश्यकता का सुझाव दिया।  

न्यायालय ने अपने पहले के आदेश में शुक्रवार को संशोधन करते हुए कहा कि वायु प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए दिवाली के दौरान पटाखे केवल रात 8 बजे से 10 बजे के बीच ही चलाये जा सकते हैं। मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की खंडपीठ ने 6 नवंबर को महाराष्ट्र में सभी नगर निगम प्राधिकरणों की सीमा के अंदर शाम 7 बजे से 10 बजे के बीच तीन घंटे के लिए पटाखे जलाने की अनुमति दी थी।

शुक्रवार को सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि मुंबई में पटाखे जलाने में कमी देखी जा रही है। मुख्य न्यायाधीश उपाध्याय ने कहा, "हम दिल्ली न बनें। हम मुंबईवासी बने रहें।" पीठ ने कहा कि महानगर में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खराब बना हुआ है। अदालत ने कहा, ‘‘हम एक आपात और गंभीर स्थिति में हैं। बहुत सारे प्रयास किए गए हैं, लेकिन शायद कुछ और करने की जरूरत है।"

पीठ ने कहा कि वह छह नवंबर के अपने आदेश में संशोधन कर रही है। पीठ ने कहा, 'पटाखे जलाने का समय रात आठ बजे से 10 बजे तक सीमित रहेगा।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘6 नवंबर के आदेश के अन्य सभी निर्देश 19 नवंबर तक लागू रहेंगे।' अदालत ने कहा कि 19 नवंबर के बाद संबंधित नगर निगम एक्यूआई पर विचार करने के बाद तय करेंगे कि मलबा ले जाने वाले वाहनों को महानगर में प्रवेश की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं।

अदालत कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण के संबंध में स्वत: संज्ञान से ली गई एक याचिका भी शामिल थी। अदालत इस मामले में अगली 11 दिसंबर को करेगी। इस बीच मुंबई महानगर पालिका प्रमुख इकबाल चहल ने शुक्रवार को नागरिकों से अपील की कि वे बम्बई उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करें और दिवाली के दौरान केवल रात 8 बजे से 10 बजे के बीच ही पटाखे चलायें। चहल ने एक वीडियो संदेश में आग्रह किया, "मैं आप सभी से हाथ जोड़कर अनुरोध करता हूं कि अदालत के निर्देशों का पालन करें और पटाखे न चलायें।’’

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें