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Hindi News महाराष्ट्रमानसिक रूप से बीमार महिला ने 3 दिन से नहीं खाई दवा, दुपट्टे से घोंट दिया बेटी का गला

मानसिक रूप से बीमार महिला ने 3 दिन से नहीं खाई दवा, दुपट्टे से घोंट दिया बेटी का गला

पुलिस के अनुसार, महिला के पति ने इस घटना के बारे में कस्तुरबा पुलिस स्टेशन को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ऑफिसर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने वहां पर जाकर देखा कि एक औरत फर्श पर पड़ी हुई है।

मानसिक रूप से बीमार महिला ने 3 दिन से नहीं खाई दवा, दुपट्टे से घोंट दिया बेटी का गला
Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,मुंबईFri, 16 Feb 2024 02:07 PM
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मुंबई के बोरीवली से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने दुप्ट्टे अपनी बेटी का गला घोंटकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी महिला मानसिक रूप से बीमार थी जिसका इलाज चल रहा था। मगर, उसने बीते कई दिनों से दवाइयां लेनी बंद कर दी थी। गुरुवार रात बेटी की हत्या करने के बाद उसने खुद को भी मारना चाहा। रिपोर्ट के मुताबिक, 11 साल की बेटी की जान लेने के बाद उसने अपनी कलाई चाकू से काट ली। इस वारदात को बोरीवली के किराए के मकान में अंजाम दिया गया।

पुलिस के अनुसार, महिला के पति ने इस घटना के बारे में कस्तुरबा पुलिस स्टेशन को सूचना दी। इसके बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां पर देखा कि एक औरत फर्श पर गिरी हुई है और वह खून से लथपथ है। इसके बगल में उसकी बेटी का शरीर पड़ा हुआ था जिसके गले में दुपट्टा फंसा हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि महिला का मानसिक बीमारी को लेकर इलाज चल रहा था। वह बीते 10 सालों से अंधेरी और बरोदा के 2 अस्पतालों से दवा ले रही थी। मगर, पिछले तीन दिनों से उसने दवा नहीं खाई थी।

मां ने लड़की के साथ खुद को कमरे में किया बंद
अधिकारियों के मुताबिक, 11 साल की लड़की का नाम रुहानी सोलंकी था। उसे शताब्दी हॉस्पिटल लेकर जाया गया जब डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। महिला की उम्र 46 साल थी जिसका नाम रेखा है। वह अभी जिंदा है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया कि यह घटना गुरुवार रात करीब 10:30 बजे की है। इस परिवार के लोगों ने खाना खाया और मां ने अपनी बेटी के साथ खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। इस दौरान पिता अपने फ्लैट के लिविंग रूम में बैठे हुए थे। पिता की उसी इलाके में दुकान है। उन्होंने पुलिस को बताया, 'मैंने अपनी बेटी को चीखते-चिल्लाते हुए सुना। मुझे पता चल गया कि उसकी मां उसे चोट पहुंचाने की कोशिश कर रही है। थोड़ी देर बाद चीखें बंद हो गईं। मेरे बार-बार कहने पर भी उसने दरवाजा नहीं खोला।'

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