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मुंबई: ब्लैक फंगस अब बच्चों पर कर रहा हमला, तीन बच्चों की निकालनी पड़ी आंख

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीPublished By: Nootan Vaindel
Fri, 18 Jun 2021 06:42 AM
मुंबई: ब्लैक फंगस अब बच्चों पर कर रहा हमला, तीन बच्चों की निकालनी पड़ी आंख

भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में ब्लैक फंगस के डरावने वाले मामले सामने आए हैं। यहां ब्लैक फंगस अब बच्चों पर हमला बोला रहा है। मुंबई में ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) का शिकार हुए तीन बच्चों की हालत इतनी बिगड़ गई कि उनकी एक आंख निकालनी पड़ी। डॉक्टरों ने कहा है कि बच्चों में ब्लैक फंगस का फैलना चिंता का विषय है। 

चार, छह और 14 साल के तीन अलग-अलग बच्चों का दो अलग-अलग अस्पतालों में ऑपरेशन किया गया था। पहले डो बच्चों में डायबटीज की शिकायत नहीं थी, लेकिन 14 साल के बच्चे में थी। डॉक्टरों ने बताया कि 16 साल का एक अन्य बच्चा डायबेटिक नहीं था लेकिन कोरोना से रिकवर होने के बाद उसके पेट का एक हिस्सा ब्लैक फंगस से संकर्मित हो गया। 

फोर्टिस अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर जेसल शेठ ने कहा, "हमने दूसरी लहर में ब्लैक फंगस से संक्रमित दो लड़कियों का इलाज किया। दोनों ही डायबिटिक थी। हमारे पास (14 साल की) आने के बाद, उस लड़की की एक आंख 48 घंटों के भीतर काली पड़ गई। फंगस नाक तक फैल रहा था। अच्छी बात है कि यह दिमाग तक नहीं पहुंचा था। हमने छह सप्ताह तक उसका इलाज किया, लेकिन उसे अपनी एक आंख खोनी पड़ी।"

डॉ शेठ ने बताया, "हमारे पास आई 16 साल की बच्ची पहले डायबेटिक नहीं थी लेकिन कोरोना से रिकवर हुई थी। लेकिन फिर वह डायबटीज की शिकायत लेकर हमारे पास आ। उसकी आंतों से खून बह रहा था। हमने एक एंजियोग्राफी की और पता चला है कि उसके पेट में ब्लैक फंगस है।"  छोटे बच्चे, जो डायबेटिक नहीं थे, उन्हें मुंबई के केबीएच बचोआली नेत्र और ईएनटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दोनों को कोविड था। 

ब्लैक फंगस संक्रमण को जल्दी पकड़ने की जरूरत है क्योंकि यह आक्रामक है और मृत ऊतक को निकालना पड़ता है। दिमाग तक पहुंचने से रोकने के लिए सर्जनों को मरीजों की नाक, आंखें या यहां तक ​​​​कि कई मामलों में उनके जबड़े को भी हटाना पड़ा है।

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