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Hindi News महाराष्ट्रमनोज जरांगे ने भरी हुंकार, मराठा आरक्षण आंदोलन फिर से करने का ऐलान; चुनाव पर क्या बोले

मनोज जरांगे ने भरी हुंकार, मराठा आरक्षण आंदोलन फिर से करने का ऐलान; चुनाव पर क्या बोले

मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने माल्यार्पण के बाद कहा, 'हम अपने बच्चों के लिए आरक्षण चाहते हैं। हमें आर्थिक रूप से कमजोर तबके के तहत 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है जिसका कोई उपयोग नहीं है।'

मनोज जरांगे ने भरी हुंकार, मराठा आरक्षण आंदोलन फिर से करने का ऐलान; चुनाव पर क्या बोले
Niteesh Kumarएजेंसी,मुंबईTue, 14 May 2024 10:03 PM
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मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे ने फिर हुंकार भरी है। उन्होंने मंगलवार को चेतावनी दी कि 4 जून से अभियान एक बार फिर शुरू किया जाएगा। जरांगे ने आंदोलन फिर से शुरू करने के लिए ऐसा दिन चुना है जिस दिन लोकसभा चुनाव के नतीजे आएंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में दाखिलों में आरक्षण की मराठा समुदाय की मांग को लेकर 8 जून को रैली भी आयोजित की जाएगी। जरांगे ने 17वीं सदी के शासक छत्रपति संभाजी महाराज की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। वह पिछले साल से मराठा आरक्षण आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं।

जरांगे ने माल्यार्पण के बाद कहा, 'हम अपने बच्चों के लिए आरक्षण चाहते हैं। हमें आर्थिक रूप से कमजोर तबके के तहत 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है जिसका कोई उपयोग नहीं है। यह वर्तमान पुलिस भर्ती में साबित हो गया है। उन्होंने कहा कि हम 4 जून को सुबह नौ बजे से अनिश्चितकालीन अनशन के साथ फिर से आंदोलन शुरू करेंगे। यह आंदोलन शांतिपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि उन्हें आशा है कि सरकार इससे पहले ही उनकी मांगों का समाधान कर देगी। जरांगे ने कहा कि बीड जिले के नारायणगड में 8 जून की रैली के लिए तैयारी जोर-शोर से चल रही है।

लोकसभा चुनाव पर मराठा आरक्षण आंदोलन का क्या प्रभाव?
लोकसभा चुनाव पर मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘मेरा इससे लेना-देना नहीं है और न ही मैंने किसी के लिए प्रचार किया। मैंने बस इतना कहा कि लोगों को उन्हें हराना चाहिए जो हमारे विरुद्ध हैं।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र में पहले कभी इतनी रैलियां नहीं कीं। जरांगे ने कहा, ‘अतीत में उन्होंने विभिन्न चिह्नों पर चुनाव लड़ रहे विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए प्रचार भी नहीं किया। लेकिन इस बार उन्होंने ऐसा किया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि प्रदेश भाजपा के चार-पांच नेताओं के मन में मराठाओं और अन्य समुदायों के प्रति नफरत है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और चंद्रकांत पाटिल मराठाओं से घृणा करते हैं। उन्होंने कहा कि फडणवीस को अपनी नफरत का परित्याग कर देना चाहिए क्योंकि हम कभी भाजपा के खिलाफ नहीं थे।

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