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'CBI, ED और IT का ब्रांच बनेगा पेगासस', शिवसेना ने मोदी सरकार पर तंज कस ममता को सराहा

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीPublished By: Nishant Nandan
Thu, 29 Jul 2021 06:11 PM
'CBI, ED और IT का ब्रांच बनेगा पेगासस', शिवसेना ने मोदी सरकार पर तंज कस ममता को सराहा

पेगासस जासूसी विवाद को लेकर शिवसेना ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज कंसा है। शिवसेना ने कहा है कि पेगासस CBI, ED और IT का ब्रांच बनेगा। मोदी सरकार पर हमला करते हुए शिवसेना की तरफ से कहा गया है कि 'देश की जनता देखेगी कि पेगासस सीबीआई, ईडी और इंकम टैक्स विभाग का ब्रांच बनेगा।' शिवसेना ने पेगासस विवाद को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा उठाए गए कदमों की तारीफ करते हुए कहा कि जो काम ममता बनर्जी ने किया वो काम केंद्र सरकार को करना चाहिए था। 

शिवसेना ने ममता बनर्जी की सराहना करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने पेगासस कांड की जांच के लिए एक पैनल बनाया है। दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर सजग रहना चाहिए। शिवसेना की तरफ से कहा गया है कि ममता बनर्जी ने सभी को जगाने का काम किया है। बता दें कि बीते सोमवार को ममता बनर्जी ने पेगासस जासूसी विवाद की जांच के लिए आयोग बनाने का ऐलान किया। इस आयोग में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत जज जस्टिस मदन बी लोकुर और कोलकाता हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस (सेवानिवृत) ज्योतिर्मय भट्टाचार्ज को इस कमिशन का सदस्य बनाया गया है। 

मुखपत्र 'सामना' में तीखे संपादन में शिवसेना ने कहा कि मंत्रियों, विपक्ष, न्यायपालिका, पत्रकारों, वकीलों और अन्य नागरिकों के निजी जीवन पर नजर रखना एक बेशर्म कदम है। संपादकीय के अनुसार 'यह पूरा मामला देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है, क्योंकि आईबी, रॉ, सीबीआई, ईडी, एनसीबी, सीबीडीसी, आदि जैसे कुछ मुट्ठी भर संगठन ही इस तरह के कृत्यों में शामिल हैं।

अब, अगर पेगासस जैसी इजरायली एजेंसी इस परिदृश्य में प्रवेश करती है, तो यह देश की सुरक्षा को कमजोर कर सकता है, लेकिन ऐसा लगता है कि केंद्र इसे राष्ट्रीय आश्रय दे रहा है। देश सच्चाई जानने का हकदार है।' शिवसेना ने कहा कि उम्मीद थी कि केंद्र कड़ी कार्रवाई करेगा और एक जांच आयोग का गठन करेगा, लेकिन कुछ भी नहीं किया गया है। संपादकीय में इशारा किया गया कि फ्रांस जैसे अन्य देशों ने भी पेगासस घोटाले की जांच की घोषणा की है, लेकिन फिर भी भारत सरकार इस मामले को गंभीर नहीं मानती है - यह थोड़ा रहस्यमय लगता है।

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