महाराष्ट्र में आज हो चुनाव तो बीजेपी-शिंदे सरकार हो जाएगी साफ, सकाल ग्रुप के सर्वे में NDA से MVA को 8% ज्यादा वोट

May 30, 2023 10:16 am ISTPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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एकनाथ शिंदे ने पिछले साल शिवसेना में अभूतपूर्व तख्तापलट कर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार को गिरा दिया था और भाजपा के साथ मिलकर मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल कर ली थी।

महाराष्ट्र में आज हो चुनाव तो बीजेपी-शिंदे सरकार हो जाएगी साफ, सकाल ग्रुप के सर्वे में NDA से MVA को 8% ज्यादा वोट

Maharashtra Poll Survey: महाराष्ट्र में अगले साल लोकसभा के बाद विधानसभा चुनाव भी होने हैं। इसके मद्देनजर महाराष्ट्र के सकाल मीडिया ग्रुप ने NDA सरकार के प्रति आम लोगों की भावनाओं पर एक सर्वे किया है। सर्वे में यह जानने की भी कोशिश की गई है कि महाराष्ट्र के मतदाता मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में क्या सोचते हैं? सकाल के सर्वे में यह भी पूछा गया था कि आप 2024 के चुनाव में वोट करते समय किस पार्टी को चुनेंगे? 

BJP सबसे बड़ी पार्टी: सर्वे के नतीजे बता रहे हैं कि राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को तगड़ा झटका लग सकता है, जबकि सर्वे में सबसे ज्यादा फायदा बीजेपी को मिलता दिख रहा है। सर्वे के मुताबिक अगर आज के समय में चुनाव हुआ तो राज्य में बीजेपी नंबर वन पार्टी बन सकती है और उसे 33.8 फीसदी वोट मिल सकता है, जबकि एकनाथ शिंदे के धड़े वाली शिवसेना को महज 5.5 फीसदी वोट ही मिल सकता है। इस तरह पूरे एनडीए को सिर्फ 39.3 फीसदी वोट शेयर मिल सकता है।

MVA में सबसे ज्यादा कांग्रेस को वोट: सर्वे में कहा गया है कि महाविकास अघाड़ी गठबंधन को सबसे ज्यादा 47.7 फीसदी वोट शेयर मिल सकता है। सर्वे में अघाड़ी गठबंधन में कांग्रेस को सबसे ज्यादा 19.9 फीसदी, एनसीपी को 15.3 फीसदी, उद्धव ठाकरे गुट को 12.5 फीसदी वोट मिलने की संभावना है। इसके अलावा  बहुजन वंचित अघाड़ी को 2.9 फीसदी, स्वाभिमानी शेतकारी पक्ष को 0.7 फीसदी ओवैसी की पार्टी AIMIM को 0.6 फीसदी और केसीआर की भारत राष्ट्र समिति को 0.5 फीसदी व अन्य को 1.7 फीसदी वोट मिलने की संभावना है।

खतरे में एकनाथ शिंदे: बता दें कि एकनाथ शिंदे ने पिछले साल शिवसेना में अभूतपूर्व तख्तापलट कर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार को गिरा दिया था और भाजपा के साथ मिलकर मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल कर ली थी। इतना ही नहीं शिंदे गुट को शिवसेना का पार्टी और पार्टी का सिंबल भी मिला था।  इसलिए कहा जा रहा था कि शिंदे की बगावत कामयाब रही लेकिन ताजा सर्वे एकनाथ शिंदे के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

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लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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