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Hindi News महाराष्ट्रपत्नी ने खाना बनाने से किया इनकार तो बनाया बच्चों समेत बंधक, फ्लैट ही उड़ाने की धमकी

पत्नी ने खाना बनाने से किया इनकार तो बनाया बच्चों समेत बंधक, फ्लैट ही उड़ाने की धमकी

पत्नी के खाना बनाने से इनकार करने पर एक शख्स इस कदर गुस्सा हुआ कि उसने अपने ही परिवार को बंधक बना लिया। इतना ही नहीं, एलपीजी सिलिंडर में आग लगाकर उसने फ्लैट को उड़ाने की धमकी तक दे डाली।

पत्नी ने खाना बनाने से किया इनकार तो बनाया बच्चों समेत बंधक, फ्लैट ही उड़ाने की धमकी
Deepakहिन्दुस्तान टाइम्स,नागपुरWed, 21 Feb 2024 05:22 PM
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पत्नी के खाना बनाने से इनकार करने पर एक शख्स इस कदर गुस्सा हुआ कि उसने अपने ही परिवार को बंधक बना लिया। सिर्फ इतना ही नहीं, एलपीजी सिलिंडर में आग लगाकर उसने फ्लैट को उड़ाने की धमकी तक दे डाली। करीब दो घंटे तक समझाने-बुझाने के बाद पुलिस किसी तरह से मामले को सुलझाने में सफल हुई। तब कहीं जाकर हालात सामान्य हुआ और परिवार को बाहर निकाला गया। घटना नागपुर की है।

खतरे में थी 40-50 की जान
नागपुर के जगनादे स्क्वॉयर अपार्टमेंट में रहने वाला 46 वर्षीय रंजन शाव रेलवे कोऑपरेटिव सोसायटी में हेड क्लर्क है। मंगलवार की दोपहर को रंजन का अपनी पत्नी से खाना बनाने को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद उसने गैस सिलिंडर का रेगुलेटर निकाल लिया और माचिस जलाकर फ्लैट को उड़ाने की धमकी देने लगा। उसने अपनी पत्नी मीनू और 14 व 8 साल के बच्चों को फ्लैट में बंधक बना लिया था। रंजन की धमकी से इसके चलते बिल्डिंग में रहने वाले 40-50 लोगों की जान जोखिम में पड़ गई थी। 

पड़ोसियों ने दी पुलिस को सूचना
इसके बाद पड़ोसियों ने आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी। मामले की जानकारी होते ही कोराड़ी पुलिस थाने के सीनियर इंस्पेक्टर प्रवीण पांडे और एसीपी संतोष खांडेकर ने दखल दिया। प्रवीण पांडे ने बताया कि मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने रंजन से एक खिड़की के जरिए बातचीत करने की कोशिश की। लेकिन वह बार-बार गैस सिलिंडर की पाइप निकालकर आग लगाने की धमकी देने लगता था। सीनियर इंस्पेक्टर के मुताबिक ऐसा होने की हालत में बड़ा धमाका होता और कई लोग की जद में आ जाते। 

ऐसे हुई बातचीत
हालात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धैर्यपूर्वक इंतजार करना ही उचित समझा। दमकलकर्मियों से कहा गया कि वह पुलिस के इशारे का इंतजार करे। पुलिस ने रहवासियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिल्डिंग को खाली करा लिया। इसके बाद रंजन से शांतिपूर्ण ढंग से बातचीत होने लगी। पुलिस ने रंजन के पड़ोस में रहने वाले एक वरिष्ठ व्यक्ति और उसकी बेटी की मदद से अपार्टमेंट में एंट्री की और रंजन पर काबू पाया। इस तरह एक बड़ा हादसा टालने में सफलता मिली। 

मानसिक रूप से परेशान है रंजन
रंजन की मानसिक हालत को देखते हुए उसे कस्टडी में ले लिया गया है। रंजन का मेयो हॉस्पिटल में नर्व से जुड़ी समस्या का इलाज चल रहा है। यह भी जानकारी मिली है कि वह अपनी पत्नी को पहले भी मारता-पीटता रहा है। इन बातों से तंग आकर उसकी पत्नी उसे छोड़ना चाहती है और तलाक भी मांग रही है। हालांकि घटना से कुछ दिन पहले ही उसे रंजन के पास वापस लौटना पड़ा था।

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