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Hindi News महाराष्ट्रलोकसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र कांग्रेस में फिर भगदड़, अब इस दिग्गज नेता ने छोड़ दिया साथ

लोकसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र कांग्रेस में फिर भगदड़, अब इस दिग्गज नेता ने छोड़ दिया साथ

पाटिल 1999 से 2004 के बीच महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रहे थे। वह ओमेरगा-लोहारा और औसा विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के अभिमन्यु पवार से हार गए थे।

लोकसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र कांग्रेस में फिर भगदड़, अब इस दिग्गज नेता ने छोड़ दिया साथ
Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,मुंबईTue, 27 Feb 2024 02:37 PM
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लोकसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र कांग्रेस में फिर से उथल-पुथल नजर आ रही है। राज्य के पूर्व मंत्री बसवराज पाटिल मुरुमकर ने सोमवार को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया। पाटिल 1999 से 2004 के बीच महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रहे थे। वह ओमेरगा-लोहारा और औसा विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के अभिमन्यु पवार से हार गए थे। कांग्रेस का दावा है कि पाटिल के हाथ का साथ छोड़ने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। पार्टी नेता अभय सालुंके ने बताया कि उनके साथ छोड़ने से कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि वह 2019 के चुनाव में हारने के बाद से जनता के साथ संपर्क में नहीं थे।

बसवराज पाटिल मुरुमकर को लेकर अब यह चर्चा है कि वो भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर अभी तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। मालूम हो कि हाल के दिनों में महाराष्ट्र कांग्रेस के कई सीनियर नेताओं ने पार्टी छोड़ी है। इनमें अशोक चव्हाण, मिलिंद देवड़ा और बाबा सिद्दीकी जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हैं। कांग्रेस छोड़ने के बाद चव्हाण बीजेपी में शामिल हुए हैं। वहीं, देवड़ा अब एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ हैं। यहां यह बताना जरूरी है कि इन दोनों नेताओं को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया गया है। दूसरी ओर, बाबा सिद्दीकी उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के साथ गए हैं। 

गुजरात में भी कांग्रेस को लगा बड़ा झटका  
लोकसभा चुनाव से पहले गुजरात में भी कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। राज्यसभा सदस्य व पूर्व केंद्रीय मंत्री नारण राठवा अपने बेटे और कई समर्थकों के साथ मंगलवार को बीजेपी में शामिल हो गए। गुजरात के छोटा उदयपुर से जनजातीय नेता राठवा का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल इस साल अप्रैल में समाप्त हो जाएगा। वह 5 बार लोकसभा सदस्य चुने जा चुके हैं। वह 1989, 1991, 1996, 1998 और 2004 में लोकसभा सदस्य बने। राठवा के बेटे संग्रामसिंह ने 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जनजाति (एसटी)-आरक्षित छोटा उदयपुर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन वह जीत नहीं पाए थे। वह एक कार्यक्रम में अपने पिता और बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हुए।
(एजेंसी इनपुट के साथ)

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