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Hindi News महाराष्ट्रसतह पर आई भाजपा विधायक और CM शिंदे के बेटे की जंग? महाराष्ट्र में फायरिंग की अंदरूनी कहानी

सतह पर आई भाजपा विधायक और CM शिंदे के बेटे की जंग? महाराष्ट्र में फायरिंग की अंदरूनी कहानी

महाराष्ट्र के उल्हासनगर में भाजपा विधायक द्वारा शिवसेना नेता पर गोली चलाने की घटना का वीडियो वायरल है। देखने में भले यह घटना भले गुस्से में उठाया गया कदम भर लगे, लेकिन इस घटना की जड़ें काफी गहरी हैं।

सतह पर आई भाजपा विधायक और CM शिंदे के बेटे की जंग? महाराष्ट्र में फायरिंग की अंदरूनी कहानी
Deepakसौरभ कुलश्रेष्ठ, हिन्दुस्तान टाइम्स,मुंबईSat, 03 Feb 2024 09:15 PM
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महाराष्ट्र के उल्हासनगर में भाजपा विधायक द्वारा शिवसेना नेता पर गोली चलाने की घटना का वीडियो वायरल है। देखने में भले यह घटना भले गुस्से में उठाया गया कदम भर लगे, लेकिन इसकी जड़ें काफी गहरी हैं। घटना के पीछे जमीन के धंधे में वर्चस्व की लड़ाई तो है ही। साथ ही कुछ ऐसा भी है जो भाजपा और शिवसेना शिंदे गुट के बीच की खींचतान का भी स्पष्ट संकेत देता है। घटना के पहले और बाद में दोनों गुटों के नेताओं की प्रतिक्रिया भी बताती है कि भले ही दोनों दल सत्ता में साथ-साथ हैं, लेकिन सबकुछ अच्छा नहीं है।

वर्चस्व की लड़ाई
पिछले कुछ वक्त से भाजपा विधायक गणपत गायकवाड़ और शिंदे गुट के नेता महेश गायकवाड़ के बीच यहां पर ठनी हुई है। ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली इलाके में जमीनों की बढ़ती मांग और कीमतों के बीच दोनों में वर्चस्व की लड़ाई है। ताजा घटना भी इसी वर्चस्व की लड़ाई की देन बताया जाता है, लेकिन लड़ाई की असली वजह सियासी है। असल में महेश गायकवाड़ ने गणपत की विधानसभा सीट पर निगाह लगा रखी है। स्थानीय भाजपा नेताओं का आरोप है कि महेश के ऊपर सांसद श्रीकांत का हाथ और इसी दम पर वह भाजपा विधायक गणपत से भिड़ता है। श्रीकांत शिंदे गुट के नेता हैं और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे हैं। गणपत और श्रीकांत में भी कई बार आमना-सामना हो चुका है। 

गणपत के आरोप
महेश गायकवाड़ पर फायरिंग के बाद गणपत ने कहा कि वह मेरी 10 साल पहले खरीदी गई जमीन पर कब्जा करना चाहता था। उसने कहा कि शुक्रवार को इन लोगों ने जमीन पर बनी दीवार गिरा दी। मामला पुलिस में गया जहां इन लोगों ने मेरे बेटे पर हमला किया था। ऐसे में मैं भला क्या करता? गणपत ने आगे आरोप लगाया कि सीएम शिंदे और उनके बेटे श्रीकांत पिछले एक साल से मुझे तंग कर रहे हैं। मेरे द्वारा कराए गए विकास कार्य का श्रेय लेते हैं। कहा कि स्थानीय विकास के लिए मैं फंड लेकर आता हूं, लेकिन क्षेत्र में होर्डिंग लगाकर इसका क्रेडिट सांसद श्रीकांत शिंदे लूट लेते हैं। मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हैं। 

भाजपा-शिवसेना की एक-दूसरे को चुनौती
असल में भाजपा और शिवसेना गुट ने पिछले साल कई मौकों पर ठाणे जिले और कल्याण-डोंबिवली एरिया में एक-दूसरे को चुनौती दी है। इसमें भी खासतौर पर श्रीकांत शिंदे के संसदीय क्षेत्र वाले इलाके में। सरकार के सहयोगियों के बीच इस इलाके में बढ़ती दरार को देखते हुए डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस अक्टूबर 2023 में विधायक गायकवाड़ के घर गए थे। इस यात्रा से यह दिखाने की कोशिश की गई थी कि पार्टी नेतृत्व स्थानीय इकाई के साथ है। असल में विधायक गायकवाड़ ने आरोप लगाया था कि सीएम शिंदे और उनके बेटे श्रीकांत के इशारे पर स्थानीय पुलिस भाजपा नेताओं के साथ भेदभाव कर रही है। 

फडणवीस की यात्रा
फडणवीस की यात्रा के दौरान भी कई भाजपा नेताओं ने इस तरह की विभिन्न घटनाओं का जिक्र किया था। उन्होंने बताया था कि किस तरह से शिवसेना नेता भाजपा नेताओं पर हमले कर रहे हैं। पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की थी, लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया था। जून में डोंबिवली पुलिस ने स्थानीय भाजपा नेता नंदू जोशी के खिलाफ एक केस दर्ज किया था। भाजपा नेताओं ने इसका विरोध किया था और आरोप लगाया था कि पुलिस ने ऐसा सांसद श्रीकांत शिंदे के इशारे पर किया है। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में काफी गुस्सा था। उन्होंने तय किया 2024 चुनाव में स्थानीय भाजपा इकाई कल्याण लोकसभा क्षेत्र में श्रीकांत के लिए प्रचार नहीं करेगी।

लगातार रहा है मनमुटाव
दोनों पक्षों में किस हद तक मनमुटाव रहा है, इसका अंदाजा एक और घटना से लगाया जा सकता है। दिसंबर 2023 में भाजपा ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जीत हासिल की। इसके बाद विधायक गायकवाड़ के नेतृत्व में स्थानीय भाजपा नेताओं ने कहा कि पार्टी को कल्याण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहिए। जबकि यहां से वर्तमान सांसद श्रीकांत शिंदे हैं। इसका जवाब देते हुए सांसद ने इस बयान को एक मजाक बताया था। श्रीकांत के बयान से चिढ़े हुए भाजपा विधायक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पैसे और पावर के लिए अपनी ही पार्टी को धोखा देने वाले देशद्रोहियों को पूरी दुनिया जोकर लगती है। इस तरह के मतभेदों के बीच तमाम तरह की आशंकाएं तो थीं, लेकिन चीजें ऐसा स्वरूप लेंगी, यह किसी ने नहीं सोचा था।

क्या है शिंदे का संकेत?
इस बीच घटना के बाद मुख्यमंत्री शिंदे अपने बेटे श्रीकांत के साथ उस अस्पताल में पहुंचे जहां महेश गायकवाड़ का इलाज चल रहा है। माना जा रहा है कि इससे उन्होंने यह संकेत दिया कि चाहे जो हो जाए वह अपने ही गुट का साथ देंगे। हालांकि शिंदे गुट सेना के मुख्य प्रवक्ता नरेश म्हास्के ने इस घटना को व्यक्तिगत लड़ाई बताया है। वहीं, भाजपा की तरफ से डिप्टी सीएम ने जांच की बात कही है, जबकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने भी कहा है वह पता लगाने की कोशिश में हैं कि असल में उल्हासनगर में हुआ क्या है। इसके उलट सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा है कि सीसीटीवी फुटेज ने दावे की असलियत सामने ला दी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहाकि पुलिस मामले में ढंग से ऐक्शन लेगी।

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