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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में होगी मोदी बनाम ठाकरे की लड़ाई; उद्धव ने प्रधानमंत्री को दी चुनौती

उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के दोनों गुटों के हाथ मिलाने और एनडीए में जाने की अटकलों को भी खारिज कर दिया। ठाकरे ने कहा कि वे उनके साथ कभी नहीं जाएंगे जिन्होंने उनकी पार्टी को खत्म करने की कोशिश की।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में होगी मोदी बनाम ठाकरे की लड़ाई; उद्धव ने प्रधानमंत्री को दी चुनौती
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Himanshu Jhaलाइव हिन्दुस्तान,मुंबई।Thu, 20 Jun 2024 05:54 AM
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शिवसेना के स्थापना दिवस के अवसर पर शिवसेना बनाम शिवसेना की जंग देखने को मिली। उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के कैंप ने मुंबई अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित किए। लोकसभा चुनाव में मिली सफलता से गदगद उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली चुनौती दे दी। उन्होंने साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव की तरफ इशारा करते हुए कहा, "मोदी जी, मैं आपको महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार शुरू करने के लिए आमंत्रित करता हूं। यह लड़ाई मेरे और आपके बीच में होगी।" 

उन्होंने आगे कहा, "भाजपा को मेरा संदेश है कि मेरे मूल चुनाव चिह्न का उपयोग किए बिना चुनाव जीतने का प्रयास करे। मुझे गर्व है कि हमने किसी और की तस्वीर का उपयोग नहीं किया। हम कभी भी किसी की तस्वीर का उपयोग नहीं करेंगे, खासकर प्रधानमंत्री मोदी की। मैं प्रधानमंत्री मोदी को चुनौती देता हूं कि वे आज से ही तैयारी शुरू कर दें। इस नकली शिवसेना को दूर रखें।" 

उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के दोनों गुटों के हाथ मिलाने और एनडीए में जाने की अटकलों को भी खारिज कर दिया। ठाकरे ने कहा कि वे उन लोगों के साथ कभी नहीं जाएंगे जिन्होंने उनकी पार्टी को खत्म करने की कोशिश की। 

आपको बता दें कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में हुई बगावत के बाद चुनाव आयोग ने अविभाजित शिवसेना का नाम और चुनाव चिन्ह उन्हें ही दिया। लोकसभा चुनाव में शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट ने नौ सीटें जीतीं और शिंदे गुट को सात पर जीत मिली। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार गुट ने आठ सीटें जीतीं। उनके भतीजे अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट को चुनाव आयोग से नाम और पार्टी का चिन्ह मिलने के बाद भी केवल एक सीट मिली। सहयोगी कांग्रेस को 13 सीटें जीतीं।

वर्ली के एनएससीआई डोम में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा, "आपका हिंदुत्व कहां चला गया? आपको बालासाहेब ठाकरे के नाम पर वोट मांगने का कोई अधिकार नहीं है। एक छोटा बच्चा भी आपको बता देगा कि शिवसेना यूबीटी कांग्रेस के वोट बैंक की वजह से जीती है। पद के लिए बाल ठाकरे के विचारों को छोड़ने वाले चुनाव हार गए। बाल ठाकरे हमेशा कांग्रेस के खिलाफ बोलते थे।" 

वहीं, ठाकरे ने कहा, "हमें सभी देशभक्तों, सभी धर्मों के लोगों के वोट मिले। उन्होंने कहा कि हमने हिंदुत्व छोड़ दिया, क्योंकि हम कांग्रेस के साथ चले गए। मैंने हिंदुत्व नहीं छोड़ा। अगर सभी ने देश और संविधान को बचाने के लिए हमें वोट दिया, तो लोग हमारे साथ हैं। यह दर्शाता है कि भाजपा ही वह है जिसने हिंदुत्व छोड़ा है।"