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23 अक्तूबर, 2020|4:16|IST

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कंगना की याचिका पर बॉम्बे HC की BMC को फटकार- बारिश में इमारत को तोड़कर नहीं छोड़ सकते; कल सुनवाई

kangana ranaut

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत के दफ्तर को तोड़े जाने के मामले में सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत से जवाब दाखिल करने को कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने बीएमसी को फटकार लगाते हुए कहा कि इमारत को तोड़कर उसे नहीं छोड़ा जा सकता है। इस मामले में शुक्रवार से सुनवाई शुरू होगी। कोर्ट ने कहा कि दफ्तर का एक हिस्सा गिराया जा चुका है और बारिश की वजह से सुनवाई को टाला नहीं जा सकता है। कोर्ट ने दायर संशोधित याचिका में रिस्पॉन्डेंट्स के नाम पर भी नाराजगी व्यक्त की। कोर्ट ने याचिका को और संशोधित करने की अनुमति दे दी है और शुक्रवार, 25 सितंबर को दोपहर 3 बजे सुनवाई का समय तय किया है।

जस्टिस एस जे कथावाला और जस्टिस आर आई चागला की डिवीजन बेंच को याचिका पर सुनवाई के दौरान वकील प्रदीप जे थोराट द्वारा बताया गया कि वे संजय राउत की ओर से पेश हो रहे हैं और उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए समय की आवश्यकता है क्योंकि उन्हें गुरुवार सुबह ही याचिकाएं मिली हैं।

थोराट ने आगे कहा कि संजय राउत चूंकि संसद के सदस्य हैं और इस समय संसद सत्र की वजह से दिल्ली में होने के चलते निर्देश देने के लिए उपलब्ध नहीं है तो उन्हें कोर्ट द्वारा और समय दिया जाना चाहिए। इसके बाद याचिका पर सुनवाई होनी चाहिए। वहीं, बीएमसी के वरिष्ठ वकील अनिल साखरे ने भी भाग्यवंत लाते की ओर से और अधिक समय की मांग की। पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट ने बीएमसी के एच-वेस्ट वॉर्ड के अधिकारी भाग्यवंत लाते को अभियोजित करने यानी पार्टी बनाने की इजाजत एक्ट्रेस को दी थी। 

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि बंगले के एक हिस्से को गिराया जा चुका है और मुंबई में हो रही भारी बारिश की वजह से याचिका पर सुनवाई को और नहीं टाला जा सकता है। बेंच ने कहा, ''हम धवस्त हो चुके घर को ऐसे ही नहीं छोड़ सकते हैं। आपको यहां पर ज्यादा समय चाहिए, लेकिन बाकी आप बहुत तेज हैं।'' कोर्ट ने थोराट को राउत की ओर से जवाब दाखिल करने की अनुमति दी।

नौ सितंबर को बीएमसी ने तोड़ दिया था कंगना का दफ्तर

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कंगना रनौत ने मुंबई पुलिस पर निशाना साधना शुरू कर दिया था। इस दौरान, उन्होंने मुंबई की तुलना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से कर दी थी, जिसके बाद उनके और शिवसेना सांसद संजय राउत के बीच बयानबाजी का दौर शुरू हो गया था। नौ सितंबर को बीएमसी ने कंगना के दफ्तर के एक हिस्से को अवैध बताते हुए तोड़ दिया था। हालांकि, कंगना द्वारा दायर याचिका में कोर्ट ने रोक लगा दी थी, लेकिन तब तक बीएमसी एक हिस्से को तोड़ चुकी थी। रनौत ने दफ्तर तोड़े जाने की कार्रवाई को अवैध बताते हुए बीएमसी और उसके अधिकारियों से दो करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है।

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  • Web Title:Kangana Ranaut Office Demolished: Bombay High Court to hear Kangana Ranaut s petition from Friday